Good Friday 2026: जिस दिन यीशु को क्रॉस पर लटकाया गया वो दिन 'गुड' क्यों? क्या है इसके पीछे का कारण?
Good Friday 2026: आज पूरा देश 'गुड फ्राइडे' का त्योहार मना रहा है, सुबह से ही चर्च में प्रार्थनाएं हो रही हैं। आपको बता दें कि गुड फ्राइडे ईसाई धर्म के सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण दिनों में से एक है। यह दिन ईसा मसीह के बलिदान, उनके असीम प्रेम और मानवता के प्रति उनकी करुणा को याद करने का दिन है, मान्यता है कि इस दिन ही Jesus Christ को सूली (क्रूस) पर चढ़ाया गया था।
तो सवाल ये है कि अगर यीशू को इस दिन सूली पर लटकाया गया तो फिर ये दिन गुड क्यों हैं और इस दिन को त्योहार की तरह क्यों मनाते हैं? तो इसका जवाब ये है कि यीशु मसीह ने मानवता के पापों को मिटाने के लिए अपना जीवन बलिदान किया। यानी यह दुखद घटना होते हुए भी, इसके पीछे मानव कल्याण का भाव है। इस बलिदान के कारण इंसानों को पापों से मुक्ति का मार्ग मिला इसलिए यह दिन दुख का नहीं, बल्कि आशा और मुक्ति का प्रतीक बन गया।

कुछ विद्वानों का मानना है कि Good Friday शब्द वास्तव में God's Friday से बना है, जो समय के साथ Good हो गया। यह ईस्टर संडे से पहले आता है, जो पुनरुत्थान का प्रतीक है।
कैसे मनाते हैं Good Friday 2026?
आज के दिन चर्च में विशेष प्रार्थना होती हैं, इस दिन उपवास और आत्मचिंतन होता है तो वहीं बाइबल के Passion का पाठ किया जाता है। इस दिन चर्च में घंटियां नहीं बजाई जातीं और चर्चों से मोमबत्तियां और सजावटी सामान हटा दिए जाते हैं।
यीशु ने दिखाया प्रेम, शांति और मानवता का मार्ग
बाइबिल के अनुसार, लगभग दो हजार साल पहले यरूशलेम में ईसा मसीह लोगों को प्रेम, शांति और मानवता का मार्ग दिखा रहे थे। उनकी बढ़ती लोकप्रियता से वहां के कट्टरपंथी और धार्मिक नेता ईर्ष्या करने लगे। उन्होंने ईसा मसीह पर राजद्रोह और धर्म की अवमानना का झूठा आरोप लगाया। रोमन गवर्नर पिलातुस के आदेश पर, ईसा मसीह को कई शारीरिक यातनाएं दी गईं। उन्हें कांटों का ताज पहनाया गया और अंततः कलवारी (Golgotha) नामक स्थान पर उन्हें क्रॉस पर चढ़ा दिया गया।
' हे ईश्वर, इन्हें क्षमा करना ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं'
कहा जाता है कि जब उन्हें कीलों से ठोका जा रहा था, तब भी उन्होंने अपने दुश्मनों के लिए प्रार्थना की और कहा कि - ' हे ईश्वर, इन्हें क्षमा करना, क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं।' ईसा मसीह ने मानव जाति के पापों का प्रायश्चित करने के लिए स्वयं का बलिदान दे दिया। इसी बलिदान की याद में 'गुड फ्राइडे' मनाया जाता है।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।












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