Ganesha Chaturthi 2022 : अपनी कामना के अनुसार अलग-अलग संख्या में करें गणेश पार्थिव पूजन
नई दिल्ली, 30 अगस्त। भगवान गणेश का पूजन-अर्चन समस्त कामनाओं की पूर्ति करने वाला होता है। किंतु गणेश पुराण के अनुसार अपनी विभिन्न कामनाओं की पूर्ति के लिए उनके अनुसार अलग-अलग संख्याओं में भगवान गणेश की पार्थिव मूर्तियों का पूजन करना चाहिए।

- जेल से मुक्ति के लिए भगवान श्रीगणेश की पांच मूर्तियों का निर्माणकर उनका नित्य पूजन करने से 21 दिन में बंदी कारागार से मुक्ति हो जाता है।
- भक्तिपरायण मनुष्य यदि प्रतिदिन सात मूर्तियों का निर्माण कर पांच वर्षो तक पूजन करे तो महापाप से भी मुक्त हो जाता है।
- जन्म से लेकर मृत्यु तक अर्थात् जो मनुष्य आजीवन श्रीगणेश की एक पार्थिव मूर्ति का पूजन करता है वह साक्षात गणेशजी के समान हो जाता है। उसके दर्शन मात्र से विघ्नों का नाश हो जाता है।
- रोगों की पीड़ा से मुक्ति के लिए गणेशजी की उत्तम तीन मूर्तियों का पूजन नौ दिनों तक करना चाहिए।
- सोना, चांदी, तांबा, पीतल, कांसा, मोती या मूंगे से निर्मित गणेश मूर्ति सर्वसिद्धिदायक और पीड़ा से मुक्ति देने वाली होती है।
भाद्रपद चतुर्थी पर पूजन का महत्व
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी पर अपनी कामना के अनुसार संख्या में गणेशजी की पार्थिव मूर्ति का निर्माण कर पूजन समस्त द्रव्यों से करें, अवश्य लाभ प्राप्त होगा। पूर्ण श्रद्धा भाव से की गई पूजन कभी व्यर्थ नहीं जाती।












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