Ganesh Visarjan 2023: महिलाएं क्यों नहीं करती बप्पा का विसर्जन?
Ganesh Visarjan Mahila Kyu Nahi Karti: अंनत चतुर्दशी के दिन गणेश-विसर्जन किया जाता है, महाराष्ट्र समेत पूरे राज्यों में आज बप्पा की विदाई हो रही है। गणेश चतुर्थी के दिन से शुरू हुआ गणेशोत्सव आज के दिन खत्म होता है। बप्पा की विदाई भक्तगणों के काफी भावुक पल होता है लेकिन इस विधि में महिलांएं भाग नहीं लेती हैं, दूसरे शब्दों में कहा जाए तो विसर्जन का काम केवल पुरुष करते हैं।

इसके पीछे एक बड़ा कारण है, दरअसल गणेश विसर्जन का संबंध अंतिम संस्कार से होता है और हिंदू धर्म में अंतिम संस्कार की किसी भी क्रिया में महिलाओं को दूर रखा जाता है क्योंकि महिलाओं को कोमल हृदय का माना जाता है। ऐस में उनके लिए किसी को मुखाग्नि देना और या नदी में किसी को प्रवाहित करना काफी दर्दभरा हो सकता है इसलिए उन्हें अंतिम क्रियाओं से दूर रखा जाता है।
महिलाएं विसर्जन से दूर रहती हैं क्योंकि...
गणेश विसर्जन के वक्त भी मन दुखी होता है और ये भावुकता चीजों को प्रभावित ना करें इसलिए भी महिलाएं विसर्जन से दूर रहती हैं क्योंकि महिलाएं बहुत इमोशनल होती हैं। इसके अलावा विसर्जन से पहले कुछ जगहों पर भक्तगण मदिरापान भी करते हैं और नशे में नाचते-गाते हैं, ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से भी महिलाओं को ऐसे स्थल से दूर रखा जाता है।
बहुत सारी चीजें बदल गई हैं
लेकिन बदलते परिवेश में बहुत सारी चीजें बदल गई हैं और आज विसर्जन स्थलों पर महिलाएं नजर भी आती हैं लेकिन जो लोग सच में धार्मिक मान्यताओं को मानते हैं, वो आज भी विसर्जन की क्रिया से महिलाओं को दूर रखते हैं।
क्यों होता है गणेश विसर्जन?
गणेश विसर्जन लोगों को ये बताता है कि शरीर मिट्टी का बना होता है और एक दिन इसी मिट्टी से मिल जाएगा लेकिन आत्मा अमर होती है, जो किसी दूसरे रूप में आकार लेती है। जो संसार में आया है उसकी विदाई निश्चित है।
गणेश विसर्जन करते वक्त करें इन मंत्रों का जाप
- ऊँ गणेशाय नम:
- ऊँ मोदाय नम:
- ऊँ विघ्नकरत्ते नम:
- ॐ नमो गणपतये कुबेर येकद्रिको फट् स्वाहा॥
- ॐ गं गणपतये सर्व कार्य सिद्धि कुरु कुरु स्वाहा ॥
- ऊँ प्रमोदाय नम:
- ऊँ सुमुखाय नम:
- ऊँ दुर्मुखाय नम:
- ऊँ अविध्यनाय नम:
- ऊँ विघ्नकरत्ते नम:












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