गणेश चतुर्थी 2017: बप्पा की स्थापना करते समय रखें इन बातों का खास ध्यान
नई दिल्ली। गणेश भक्तों का प्रिय त्योहार गणेश चतुर्थी 25 अगस्त को है, पूरे 11 दिन चलने वाले इस उत्सव के लिए भक्तजनों की तैयारियां जोरों पर हैं। सब अपने सामर्थ्य के हिसाब से गणेश जी को प्रसन्न करने में लगे हैं। हिंदू धार्मिक कैलेंडर के मुताबिक, गणेश चतुर्थी हर साल भाद्रपद के चौथे दिन मनाई जाती है, मान्यता है कि भगवान गणेश का इस दिन जन्म हुआ था।
मालूम हो कि चतुर्थी के दिन काफी लोग भगवान गणेश की मूर्ति को अपने घर लेकर आते हैं और विधि-विधान के साथ उसे स्थापित करते हैं। अगर थोड़ी सावधानी और ध्यान मूर्ति स्थापना के वक्त रखा जाये तो गजराज की पूजा से दोगुने फल की प्राप्ति होती है।
आइए जानते हैं कैसे करें गणपति को स्थापित

घर की सफाई करें
गणेश जी स्थापना के दिन सबसे पहले घर की सफाई करें और उसके बाद खुद स्नान करें। कोशिश करें कि घर के कोने-कोने में धूप-अगरबत्ती जलाएं जिससे घर का शुद्दिकरण हो जाये।

सुगंधित धूप और दीप से गणेश जी की पूजा
- अब एक कलश में पानी भरने के बाद उसका मुंह लाल रंग के कपड़े से ढंक देना चाहिए।
- कलश में रोली और अक्षत को भी डाल कर रख सकते हैं।
- अब कलश को गणेश जी के बगल में रख दीजिये। गणपति जी को फूल और नये रंगीन वस्त्रों से सजाना चाहिए।
- रोली, फूल चढ़ाते हुए सुगंधित धूप और दीप से गणेश जी की पूजा करनी चाहिए।
- उसके बाद उन्हें मोदक या लड्डू का भोग लगाना चाहिए।
- पूजा के दौरान "गं गणपतये नमः" मंत्र का जाप करना चाहिए।
- गणपति जी अराधना करने के बाद आरती करनी चाहिए और प्रसाद लोगों में बांटना चाहिए।
- गणेश 'विसर्जन ये सिखाता है कि मिट्टी से जन्में शरीर को मिट्टी में ही मिलना है। गणेश जी की प्रतिमा मिट्टी से बनती है और पूजा के बाद वो मिट्टी में मिल जाती है।
- गणपति विसर्जन हमेशा तालाब या नदी में घर के किसी पुरूष के ही हाथों होना चाहिए।

गं गणपतये नमः मंत्र का जाप

गणपति का आवास-काल
ये जातक के ऊपर निर्भर करता है कि वो अपने घर में गणेश जी को कितने दिनों के लिए लेकर आया है। लोग गणेश जी को 1 दिन या 3 दिन या 5 दिन या 7 दिन के लिए लाते हैं तो कहीं-कहीं पर पूरे 10 दिन तक गणपति विराजते हैं।













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