Durga Ashtami 2025: आज है महागौरी का दिन, जानिए पूजा विधि, चालीसा, मंत्र और महत्व

Durga Ashtami 2025)2025: नवरात्रि के आठवें दिन महागौरी की पूजा की जाती है,जिनका रूप बहुत ही सुंदर और अलौकिक है। मां अपने भक्तों से बहुत ज्यादा प्रेम करती हैं और इसी कारण उनके रहते उनके भक्त को कभी भी कोई असुविधा नहीं हो सकती है।

मां गौरी के बारे में कहा जाता है कि आज के दिन उन्हें जब भी दिल से याद किया जाता है वो हमेशा अपने भक्तों की पुकार सुनकर उनके पास आ जाती हैं। इसलिए तो उन्हें करूणा देवी कहा जाता है।

Durga Ashtami 2025

क्यों कहते हैं महागौरी? (Durga Ashtami 2025)

मां महागौरी का रंग गौर वर्ण का है, जिस कारण उन्हें महागौरी कहा गया है। वे सफेद वस्त्र धारण करती हैं और उनके चारों हाथों में त्रिशूल है। मां महागौरी की पूजा से सुख-समृद्धि आती है और सांसारिक कष्टों का निवारण होता है। इंसान सभी तनाव और रोगों से मुक्त हो जाता है।

मां गौरी पूजन विधि (Durga Ashtami 2025)

  • प्रातः स्नान करके व्रत का संकल्प लें।
  • मां महागौरी की मूर्ति या चित्र को स्थापित करें।
  • सफेद वस्त्र और सफेद फूल अर्पित करें।
  • पंचामृत और सफेद मिठाई का भोग लगाएं।
  • धूप-दीप जलाकर आरती करें।
  • प्रसाद बांटें और खुश रहें।
  • कन्या पूजन (कंजक पूजन) करें।

मंत्र ( Mantra)

या देवी सर्वभू‍तेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥

गौरी चालीसा (Durga Ashtami 2025)

चौपाई

  • मन मंदिर मेरे आन बसो,
  • आरम्भ करूं गुणगान,
  • गौरी माँ मातेश्वरी,
  • दो चरणों का ध्यान।
  • पूजन विधी न जानती,
  • पर श्रद्धा है आपर,
  • प्रणाम मेरा स्विकारिये,
  • हे माँ प्राण आधार।
  • नमो नमो हे गौरी माता,
  • आप हो मेरी भाग्य विधाता,
  • शरनागत न कभी गभराता,

  • सुयोग वर् वरदान मे पाए,
  • आशा पूर्ण कर देना माँ,
  • सुमंगल साखी वर देना माँ।
  • गौरी माँ विनती करूँ,
  • आना आपके द्वार,
  • ऐसी माँ कृपा किजिये,
  • हो जाए उद्धहार।
  • हीं हीं हीं शरण मे,
  • दो चरणों का ध्यान,
  • ऐसी माँ कृपा कीजिये,
  • पाऊँ मान सम्मान।
  • जय मां गौरी

DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी बात को अमल में लाने से पहले किसी पंडित या ज्योतिषी से जरूर बात करें।

गौरी चालीसा का पाठ करने से क्या लाभ होता है?

गौरी चालीसा का पाठ करने से सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है।

गौरी चालीसा का पाठ क्या आप रोज कर सकते हैं?

हां नवरात्रि के अलावा गौरी चालीसा का पाठ आप नियमित रूप से सुबह-शाम कर सकते हैं।

क्या मां गौरी ही गणेश जी मां हैं?

हां मां गौरी , मां पार्वती का ही रूप हैं, जो कि भगवान शिव की पत्नी और गणपति यानी कि गणेश भगवान की मां हैं।

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