Dhanteras 2022: धनतेरस पर करें ये उपाय, भरी रहेंगी तिजोरियां

धनतेरस पर करें ये उपाय: अक्सर देखा जाता है कि कई लोग दिनरात दौड़धूप करके पैसा कमाने की कोशिश करते रहते हैं किंतु उनके सारे प्रयास व्यर्थ जाते हैं। वे चाहे कितनी भी मेहनत कर लें लेकिन न तो उनके पास पर्याप्त पैसा आता है और यदि पैसा आता भी है तो वह टिकता नहीं है। इसके विपरीत कई लोग ऐसे भी होते हैं जो जरा सी मेहनत में भी खूब सारी धन-दौलत कमा लेते हैं। यदि आप भी अपने खून पसीने की गाढ़ी कमाई की बचत नहीं कर पा रहे हैं तो धनतेरस पर कुछ उपाय करने से आपकी यह परेशानी दूर हो जाएगी और आपकी तिजोरियां भी भरी रहेंगी।

Dhanteras 2022
  • धनतेरस पर प्रदोषकाल में कुबेर का पूजन करने के बाद मिट्टी के 13 दीपक लगाएं इन दीपकों में एक-एक सफेद कौड़ी डालें। जब दीपक पूर्ण हो जाए तो इन कौड़ियों को निकालकर आधी रात के बाद घर के किसी कोने में दबा दें। इससे शीघ्र ही आपको धन लाभ होने लगेगा और पैसों की बचत भी होने लगेगी।
  • धनतेरस के दिन 13 मिट्टी के दीपक लेकर इनका पूजन करें। कुबेर देवता से प्रसन्न होने की प्रार्थना करें और इन्हें अपने घर के चारों ओर चारों दिशाओं में रख दें।
  • धनतेरस की रात्रि में एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर इस पर कुबेर यंत्र स्थापित करें। यह यंत्र चांदी, पंचधातु या अष्टधातु का होना चाहिए। इसे गंगाजल से स्नान करवाकर केसर की 9 बिंदियां लगाएं। इसका पूजन केसर रंगे चावल से करें। श्रीसूक्त का पाठ करें और फिर इस यंत्र को उसी लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखें। धन की वृद्धि होगी।
  • धनतेरस की रात्रि में उस पेड़ की एक टहनी तोड़कर ले आएं जिस पर उल्लू बैठता हो। उस टहनी का पूजन कर तिजोरी में रखने से कभी धन की कमी नहीं होती है।
  • धनतेरस के दिन एक पीतल का कलश खरीदें। इसमें जल भरकर एक चौकी पर स्थापित करें। इस पर केसर-चंदन से स्वस्तिक बनाएं और इस पर श्रीं लिखें। कलश के मुख पर मौली बांधें। इसके ऊपर एक मिट्टी आ दीपक प्रज्वलित करें। दीपक प्रदोष काल से लेकर रात्रि में 3.30 बजे तक जलना चाहिए। इससे धन का संकट दूर हो जाता है।

कुबेर को प्रसन्न करने का दिन

धनतेरस का दिन मां लक्ष्मी के साथ देवताओं के कोषाध्यक्ष यक्षराज कुबेर को प्रसन्न करने का दिन होता है। इस दिन वैसे तो अनेक प्रकार के उपाय किए जाते हैं जिनसे धनकोष में वृद्धि होती है, किंतु हम आपको बता रहे हैं केवल तीन उपाय जो आपको धनवान बनाने में सहायता करेंगे। इन उपायों को करने के बाद आपके जीवन के सारे अभाव, सारे संकट दूर हो जाएंगे।

कुबेर पोटली

धनतेरस के दिन कुबेर पोटली बनाई जाती है। कुबेर पोटली में यक्षराज की प्रिय नौ वस्तुओं का समावेश किया जाता है। इन नौ वस्तुओं को एक रेशमी लाल कपड़े की थैली में बांधकर पोटली बनाई जाती है। जिसे पूजन कर तिजोरी में रखने से जीवन के सारे संकट दूर हो जाते है। कुबेर पोटली में रखी जाने वाली नौ वस्तुएं हैं लाल गुंजा, दिव्य गोरक्ष मुंडी, काली हल्दी, पीली कौड़ी, कुबेर यंत्र, कुबेर कुंजी, गोमती चक्र, नागचंपा और लघु श्रीफल।

दिव्य दक्षिणावर्ती शंख

दक्षिणावर्ती शंख लक्ष्मी को आकर्षित करता है। समुद्र मंथन के समय मां लक्ष्मी के साथ दक्षिणावर्ती शंख भी निकला था। इसलिए यह मां लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है। धनतेरस के दिन दक्षिणावर्ती शंख लाकर इसे गंगाजल से स्नान करवाकर लाल रेशमी वस्त्र पर स्थापित करें। शंख के अंदर केसर से रंगकर चावल भरें। शंख के मुख पर केसर से श्रीं लिखें। अब कमलगट्टे की माला से मां लक्ष्मी के मंत्र ऊं महालक्ष्म्यै नम: या ऊं विष्णुप्रियायै नम: की सात माला जाप करें। इसके बाद शंख को उसी कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखें। इस उपाय से न केवल आर्थिक संकट बल्कि रोग, शोक सारे अभाव भी दूर हो जाते हैं।

हत्थाजोड़ी का प्रयोग

हत्थाजोड़ी एक दिव्य और चमत्कारिक जड़ी होती है। यह दो हाथों की तरह जुड़ी हुई दिखाई देती है इसलिए इसे हत्थाजोड़ी कहा जाता है। इसे असली खोजना मुश्किल है किंतु असंभव नहीं। धनतेरस के दिन असली हत्थाजोड़ी लेकर इस पर सिंदूर का लेपन करें। मां लक्ष्मी के किसी भी मंत्र का सात माला जाप कर तिजोरी में रखें। कभी धन का अभाव नहीं होगा।

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