Devshayani Ekadashi 2021: देवशयनी एकादशी आज, जानिए इसके बारे में सबकुछ
नई दिल्ली, 19 जुलाई। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को 'देवशयनी एकादशी' कहते हैं। इस दिन भगवान विष्णु चार माह के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। इसलिए इस एकादशी को 'देवशयनी' के नाम से जाना जाता है। इसी दिन से 'चातुर्मास ' भी प्रारंभ होता है। इस बार 'देवशयनी एकादशी' 20 जुलाई यानी की मंगलवार को है। इस दिन के बाद से अगले चार महीने तक सभी मांगलिक कार्य बंद रहेंगे।

एकादशी का व्रत कब से शुरू करना चाहिए?
एकादशी का व्रत 20 जुलाई 2021, मंगलवार को रखा जाएगा और इसके साथ ही देवशयनी एकादशी व्रत का पारण अगले दिन यानि 21 जुलाई 2021, बुधवार के दिन होगा।
एकादशी के दिन क्या खाना चाहिए?
एकादशी व्रत में उपवास रखने वाले व्रतियों को फलों का सेवन करना चाहिए। वैसे कुछ लोग उपवास में सेंधानमक भी खाते हैं। कुछ लोग निर्जला भी व्रत रखते हैं। वो लोग पूजा करके पानी भी सकते हैं। जो लोग सेंधा नमक खाते हैं, वो कुट्टू के आटे की पूड़ी और सिंघाड़ें के आटे का सेवन कर सकते हैं।

एकादशी का पारण कैसे होता है?
एकादशी व्रत का पारण व्रत के अगले दिन यानी कि बुधवार को होगा। विष्णु भगवान की पूजा करने के बाद भक्त गण को अपना व्रत खोलना चाहिए। पारण में बहुत ज्यादा गरिष्ठ भोजन नहीं करना चाहिए। सबसे पहले नारियल पानी पीएं और फिर किसी नमकीन चीज से अपना उपवास तोड़े और फिर हल्का भोजन करें, इससे इंसान के शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।

'चातुर्मास' क्या ?
इस दिन से भगवान श्री हरि विष्णु क्षीरसागर में शयन करते हैं और फिर लगभग चार महीने बाद तुला राशि में सूर्य के जाने पर उन्हें उठाया जाता है। उस दिन को 'देवोत्थानी एकादशी' कहा जाता है। इस बीच के अंतराल को ही 'चातुर्मास' कहते हैं।

क्या करें
- गाय को रोटी खिलाएं और संभव हो तो पंडितों को भोजन कराएं।
- भगवान विष्णु को पीले रंग का वस्त्र चढ़ाएं और पीला मिष्ठान अर्पित करें।
- सच्चे मन से भगवान विष्णु की पूजा करे आपके सारे कष्ट मिट जाएंगे ।
क्या ना करें
- एकादशी के दिन चावल ना खाएं।
- मासांहारी भोजन ना करें।
- कलह ना करें।
- निंदा ना करें।












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