Chhath Puja 2025 Sunset Time: सूर्य को आज दिया जाएगा पहला अर्घ्य, जानिए अपने शहरों में सूर्यास्त का समय
Chhath Puja 2025 Sunset Time: आज छठ पर्व का तीसरा दिन है, इस दिन संध्याकाल में सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है लेकिन इससे पहले व्रती भास्कर भगवान और छठी माता की विधिवत पूजा करते हैं। गौरतलब है। कि ये दुनिया की अकेली ऐसी पूजा है, जिसमें डूबते सूरज और उगते सूर्यदेव को जल दिया जाता है।
डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य मानव जीवन में संयम, आभार और समर्पण का प्रतीक है, यह बताता है कि हर अंत एक नई शुरुआत की भूमिका होता है, जीवन में सफलता और असफलता दोनों ही अस्थायी हैं।

सूर्य ढलता है तो पुनः उदय भी होता है, उसी प्रकार जीवन में कठिनाइयों के बाद नई सुबह आती है।तो वहीं छठ पूजा का समापन उगते सूर्य को अर्घ्य देने से होता है। यह क्षण सबसे शुभ माना जाता है क्योंकि सूर्योदय नई ऊर्जा, नए अवसर और जीवन के पुनर्जागरण का प्रतीक है।
संध्याकाल अर्ध्य का टाइम शाम 5:40 बजे (Chhath Puja 2025)
27 अक्टूबर को सूर्यास्त का समय शाम 5:40 बजे होगा और उसी समय संध्या अर्घ्य दिया जाएगा। यह चार दिनों तक चलने वाला व्रत बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में बड़े ही श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाया जाता है।
आज कितने बजे दिया जाएगा पहला अर्घ्य (Chhath Puja 2025)
- पटना: 05:12 PM
- गया :05:15 Pm
- बोकारो 5.19 PM
- देवघर 5.13 PM
- धनबाद 5.11 PM
- दुमका 5.13 PM
- हजारीबाग 5.14 PM
- खूंटी 5.24 PM
- कोडरमा 5.10 PM
- लातेहार 5.16 PM
- रामगढ़ 5.12 PM
- रांची 5.14 PM
- आगरा 05:18 PM
- गोरखपुर 05:11 PM
- नागपुर 5:09 PM
- अहमदाबाद 5:03 PM
- हिसार 5:13 PM
- नलबाड़ी 5:14 PM
- अहमदगढ़ 5:13 PM
- हावड़ा 5:15 PM
- नासिक 5:13 PM
- हुबली 5:11 PM
- नई दिल्ली 5:16 PM
- अकोला 5:18 PM
- हैदराबाद 5:16 PM
- अनंतपुर 5:22 PM
- इंदौर 5:20 PM
- भोपाल 5:14 PM
- काकीनाडा 5:11 PM
- शिलांग 5:13 PM
- भुवनेश्वर 5:13 PM
- कानपुर 5:18 PM
- शिमला -5:15 PM
- चेन्नई 5:13 PM
- कोच्चि 5:02 PM
- सिरसा 5:16 PM
- चेरापूंजी 5:14 PM
- कोलकाता 5:11 PM
- लुधियाना 5:41 PM
- तिरुवनंतपुरम 6:01 PM
- वडोदरा 6:01 PM
- धर्मशाला 5:37 PM
- वाराणसी 5:19 PM
- दुर्गापुर 5:04 PM
- गाजियाबाद 5:17 PM
- मेरठ 5:16 PM
- विशाखापत्तनम - 5:16 PM
- जबलपुर 5:12 PM
- पोर्ट ब्लेयर 5: 15 PM
- औरंगाबाद 5:26 PM
- जयपुर 5:16 PM
- प्रयागराज 5:13 PM
- बेंगलुरु 5:14 PM
वैज्ञानिक महत्व (Chhath Puja 2025)
सूर्य को जल अर्पित करते समय जलधारा से गुजरती किरणें एक विशेष कोण पर परावर्तित होती हैं, जिससे नेत्रों और मस्तिष्क को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। प्रातःकालीन सूर्य का स्पर्श शरीर के रोगों को दूर करने में सहायक होता है।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।
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