Chhath Puja 2021: कब है 'छठ पूजा' का पारण, क्या है इसके नियम?

नई दिल्ली, 10 नवंबर। आस्था का महापर्व 'छठ' 11 नवंबर को उगते हुए सूर्य को अर्ध्य देने के बाद समाप्त हो जाएगा और इसके साथ ही उपवास रखने वालों का 36 घंटे का निर्जला व्रत भी खत्म होगा। सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रती महिलाएं सात या ग्यारह बार पानी में ही खड़ी होकर परिक्रमा करती हैं। इसके बाद एक दूसरे को प्रसाद देकर व्रत खोलती हैं। ये प्रसाद मिठाई, ठेकुआ या केला होता है। वैसे आपको बता दें कि जितना ध्यान छठ पूजा में स्वच्छता का दिया जाता है, उतना ही ध्यान व्रत खोलते वक्त भी रखना पड़ता है।

क्या है पारण का समय

क्या है पारण का समय

गुरुवार सुबह 06:17 am पर सूर्य भगवान को अर्ध्य दिया जाएगा और इसी के बाद पारण होगा।

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    क्या करें और क्या ना करें

    क्या करें और क्या ना करें

    व्रती लोग 36 घंटे से बिना पानी के होते हैं, ऐसे में उन्हें एक साथ पानी पीकर व्रत नहीं खोलना चाहिए, बल्कि धीरे- धीरे पानी पीना चाहिए। मुमकीन हो तो व्रती लोग नारियल पानी या नीबू पानी से अपना व्रत खोलें। कुछ लोग चाय-कॉफी का भी सेवन करते हैं। करीब पानी पीने के आधे घंटे के बाद ही लोगों को भोजन ग्रहण करना चाहिए। खाना बहुत ज्यादा तला-भूना नहीं होना चाहिए बल्कि हल्का तेल-मसाले का होना चाहिए। व्रती को शाकाहारी भोजन करना चाहिए और खाने में फल को भी शामिल करना चाहिए। ऐसा करने से व्रती की तबीयत खराब नहीं होती है।

    ये भी कीजिए, मिलेगा लाभ

    ये भी कीजिए, मिलेगा लाभ

    • व्रत पूरा होने के बाद लोगों को प्रसाद का वितरण ज्यादा से ज्यादा लोगों में करना चाहिए जिससे आपको व्रत का लाभ मिले।
    • संभव हो तो व्रत के बाद आप ब्राह्मणों और गरीबों को भोजन कराएं या दान दें।
    • छठ मईया से सभी के लिए आशीर्वाद मांगे और अपनी गलतियों के लिए क्षमा याचना करें।
     संयम और तपस्या का पाठ

    संयम और तपस्या का पाठ

    छठ पूजा संयम और तपस्या का पाठ पढ़ाती है। 'उदित सूर्य' एक नए सवेरा का मानक है तो 'अस्त होता हुआ सूर्य' केवल विश्राम का प्रतीक है। ये व्रत इंसान को यह सिखाता है कि अगर लक्ष्य निश्चित है और उसके लिए मेहनत लगातार किया जाए तो इंसान को हर हालत में सफलता मिलती है। जीवन किसी के लिए नहीं रूकता, जिस तरह से सूरज अस्त होने के बाद दूसरे दिन पुन: ऊर्जा के साथ निकलता है और संसार को रोशनी प्रदान करता है उसी तरह से इंसान को भी हर दिन कुछ नया करने बारे में सोचना चाहिए।

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