Coronavirus: कोरोना के खिलाफ लड़ाई में संबल बन सकता है ओम (ॐ) मंत्र का जाप
नई दिल्ली। इन दिनों पूरी दुनिया जानलेवा कोरोना वायरस से जूझ रही है। इस वायरस से अब तक दुनियाभर में हजारों मौतें हो चुकी हैं और हर दिन यह वायरस नए-नए लोगों को अपनी चपेट में लेता जा रहा है। कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए अनेक देशों में पूरी तहर लॉकडाउन कर दिया गया है। तमाम देश अपनी-अपनी तरह से अपने नागरिकों को इस वायरस से बचाने का प्रयास कर रहे हैं। भारत में भी इस वायरस से मौतें होने का सिलसिला शुरू हो चुका है और अनेक लोग हर दिन इससे ग्रसित हो रहे हैं। खतरा आपके कितनी करीब आ चुका है, इसका अंदाजा आपको नहीं है। दुनियाभर के मेडिकल साइंटिस्ट इस वायरस को खत्म करने का तरीका तलाश रहे हैं, लेकिन कोई भी प्रयास अभी तक कामयाब नहीं हो पाया है लेकिन संकट की इस घड़ी में आपको ओम (ॐ) मंत्र का जाप बहुत सारे तनाव से दूर रख सकता है और आपकी इच्छा शक्ति को मजबूत कर सकता है क्योंकि वैज्ञानिक भी मानते हैं ओम (ॐ) मंत्र का जाप नकारात्मक ऊर्जा को कम करता है और इस वक्त इंसान का सकारात्मक सोच से ही आगे बढ़ना है इसलिए ओम (ॐ) मंत्र का जाप आपकी मदद कर सकता है।

ओम (ॐ) जाप के प्रभाव
- ओम मंत्र के जाप से निकलने वाले वाइब्रेशंस से वातावरण शुद्ध होता है। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि ओम का जाप यदि उच्च स्वर में लगातार 11 मिनट तक किया जाए तो हमारे आसपास में 11 फीट तक के दायरे के सभी सूक्ष्म से सूक्ष्म जीवाणु नष्ट हो जाते हैं।
- ओम के जाप से हमारा श्वसन तंत्र मजबूत, संतुलित और नियंत्रित होता है, जो हमें अनेक प्रकार के श्वसन रोगों से बचाता है। अनेक संक्रामक रोग श्वसन के जरिए ही हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं। उनसे बचाने में ओम जाप का सकारात्मक प्रभाव देखा गया है।
- ओम के जाप से हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है, जो हमें अनेक रोगों से बचाती है। इससे हमारे शरीर के आसपास एक सूक्ष्म सुरक्षा घेरा तैयार होता है, जिसे औरा कहते हैं। इस सुरक्षा घेरे के कारण कोई भी वायरस हमारे करीब आते ही स्वतः नष्ट हो जाता है। यह सेल्फ हीलिंग का सबसे बेहतर माध्यम है।

ओम का जाप हमारे तनाव को कम करता है...
- ओम का जाप हमारे तनाव को दूर करके हमारे मन मस्तिष्क को शांत करता है और सकारात्मकता का संचार करता है, जिससे हमारे अंदर रोगों से लड़ने की शक्ति आती है। अभी कोरोना वायरस के भय के कारण अनेक लोगों के मन में नकारात्मकता भर गई है। ओम के जाप से वह दूर होगी और मन सकारात्मक ऊर्जा से भर जाएगा।
- ओम का जाप फेफड़ों की क्षमता में वृद्धि करता है, जिससे हमें श्वसन प्रक्रिया सुचारू रूप से काम करती है।
- वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि ओम का जाप करके अपनी दोनों हथेलियों को गर्म होने तक एक-दूसरे पर रगड़ें और इसे शरीर के जिस हिस्से पर लगाते हैं वहां का रोग दूर होता है और वह अंग चार्ज हो जाता है।

कैसे करें ओम का जाप?
- ओम का जाप सही तरीके से करना बहुत जरूरी है। इसके लिए कुछ विशेष प्रक्रिया और सावधानी अपनाना चाहिए-
- ओम का जाप आप शांत जगह पर बैठकर करें।
- स्नान करने के बाद शुद्ध आसन बिछा लें। उस पर किसी भी सुखपूर्वक स्थिति में बैठ जाएं।
- बैठते समय कमर एकदम सीधी रखें। गर्दन सीधी और सामने की ओर रखें।
- आंखें बंद कर लें। दोनों हाथों की ज्ञान मुद्रा बनाकर दोनों घुटनों पर रखें।
- ज्ञान मुद्रा बनाने के लिए तर्जनी अंगुली और अंगूठे के अग्र भाग को आपस में मिलाएं। बाकी तीनों अंगुलियां सीधी रहेंगी।

ओम में तीन शब्द आते हैं- ओ, ऊ और म...
- अब ओम का जाप प्रारंभ करें। ओम में तीन शब्द आते हैं- ओ, ऊ और म। तीनों का उच्चारण एक बराबर समय तक करना है। इसकी गिनती आप मन ही मन कर सकते हैं। एक अंदाजा हो जाएगा कि तीनों को बराबर जपा जा रहा है।
- ओम जाप के समय मन में यह तीव्र भावना करें कि आपके आसपास का परिवेश शुद्ध हो रहा है। आपके शरीर में एक अद्भुत शक्ति का संचार हो रहा है और आप शुद्ध और पवित्र हो रहे हैं। सारी नकारात्मक ऊर्जा आपसे दूर हो रही है। मन में धारणा करें कि इस ओम के जाप से कोरोना वायरस हमारे आसपास के परिवेश से समाप्त हो रहा है।
- वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए यह मंत्र आप घर में ही करें। अपने परिवार के साथ बैठकर इसे कर सकते हैं, लेकिन परिवार के सदस्यों की दूरी दो से तीन फीट रखें।
- ओम का जाप एक साथ उच्च स्वर में करें। जाप के समय चाहें तो सुगंधित हर्बल पदार्थों से बनी धूप लगा सकते हैं।
- इसका जाप कम से कम 11 मिनट तक सुबह-शाम दोनों समय करें।
- नोट: इसके साथ ही जो सरकारें, स्थानीय शासन प्रशासन निर्देश दे रहे हैं, उनका पालन भी अवश्य करें। अपने घर में ही रहें। हाथों को सैनिटाइज करते रहें। बार-बार 20 सेकंड तक हाथ धोते रहें।












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