Chandra Dosh: इस व्रत के जरिए कुंडली के खराब चंद्र को करें मजबूत, रोग होंगे दूर, पैसा मिलेगा भरपूर
Chandra Dosh: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को चंद्र नवमी होती है। चंद्र नवमी का व्रत मुख्य रूप से जन्मकुंडली के खराब चंद्र को ठीक करने के लिए किया जाता है। सुख-समृद्धि, परिवार में सभी की स्वस्थता की कामना और माता-संतान के मधुर संबंधों के लिए किया जाता है।
वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को मन का कारक कहा गया है इसलिए मन की अच्छी-बुरी दशा चंद्र पर ही निर्भर करती है। कुंडली में चंद्र मजबूत होने पर जातक मन का पक्का होता है और हमेशा सही समय पर सही निर्णय लेने वाला होता है।

कैसे करें चंद्र नवमी का व्रत
चंद्र नवमी का व्रत स्त्री-पुरुष दोनों कर सकते हैं। इस व्रत को करने के लिए प्रात: सूर्योदय पूर्व उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर साफ-स्वच्छ श्वेत वस्त्र पहनकर चंद्र नवमी व्रत का संकल्प लें। इसके बाद पूरे दिन निराहार रहें।
रात्रि में चंद्रोदय होने पर चंद्र के दर्शन कर जल-अक्षत चढ़ाकर पूजन करें। इसके बाद व्रत का पारायण करें। कुछ जगह लोगों ने 12 सितंबर को व्रत रखा था तो कुछ जगहों पर ये उपवास आज रखा गया है।
व्रत से लाभ
- चंद्र नवमी व्रत उन लोगों को करना चाहिए जो बार-बार बीमार होते हैं। जिन्हें बार-बार सर्दी-जुकाम होता हो, अस्थमा या फेफड़ों से संबंधित रोग हो, जिन्हें कोई मानसिक रोग हों उन्हें यह व्रत अवश्य करना चाहिए।
- चंद्र नवमी व्रत से कुंडली में मौजूद चंद्र को मजबूती मिलती है। इस दिन संभव हो तो पूरे दिन चांदी के गिलास में पानी पीना चाहिए।
- जिन लोगों के अपनी माता से संबंध अच्छे नहीं हैं, या जिनकी माता बीमार रहती हो उन्हें भी यह व्रत करना चाहिए।
- चंद्र नवमी के दिन चांदी का चंद्रमा बनवाकर बच्चों के गले में पहनाना चाहिए जिससे वे सदैव निरोगी रहते हैं।
- मानसिक रोगों से ग्रसित लोगों को मून स्टोन की अंगूठी या पेंडेंट इस दिन पहनना चाहिए।
- चांदी के एक चौकोर टुकड़े को सफेद कपड़े में बांधकर अपने धन रखने के स्थान पर रखेंगे तो आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। धन तंगी नहीं रहेगी।
- चंद्र नवमी के दिन शंख में जल भरकर स्नान करने से चंद्र से जुड़े समस्त दोष दूर हो जाते हैं।












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