Surya Grahan 2025 : पितृपक्ष में दो ग्रहण, क्या कुछ अशुभ होगा?
Pitru Paksha and Surya Grahan 2025 : पितृपक्ष की शुरुआत चंद्र ग्रहण से हुई थी, जो कि भारत में नजर आया था और इसका समापन सूर्य ग्रहण से होने जा रहा है। आपको बता दें कि 21 सितंबर को साल का 2025 का दूसरा सूर्य ग्रहण है।
ऐसे में सभी के मन में शंका पैदा हो गई है कि क्या ये कोई अशुभ संकेत है, क्या कई अनिष्ट होने जा रहा है क्योंकि ग्रहण को हिंदू धर्म में अशुभ माना जाता है तो आपका भ्रम दूर कर देते है। वाराणसी के पंडित ज्ञानेंद्र शर्मा के मुताबिक ये संयोग अच्छा है बुरा नहीं।

सूर्य ऊर्जा का प्रतीक (Surya Grahan 2025)
उन्होंने कहा कि 'चंद्र ग्रहण वाले दिन पूर्णिमा थी और ये शीतलता की मानक है और इसका समापन अमावस्या के दिन होगा जो कि गति का सूचक है और सूर्य ऊर्जा का प्रतीक, इसलिए ये संयोग अच्छा है और इस दौरान किए गए कर्मों से इंसान पितृदोष से भी मुक्त हो जाएगा,बशर्ते जो भी पूजा-पाठ आप अर्पित करें, वो पूरी श्रद्धा के साथ करें।'
Pitru Paksha 2025 का महत्व
- श्राद्ध और तर्पण करने से पितरों की आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है और वे संतुष्ट रहते हैं।
- पितरों के आशीर्वाद से परिवार में सुख, समृद्धि और संतति वृद्धि होती है।
- इसे पितृ ऋण से मुक्ति का समय भी कहा जाता है। प्रत्येक व्यक्ति अपने पितरों के प्रति ऋणी होता है जिसे श्राद्ध कर्म से पूरा किया जाता है।
- इस काल में किया गया दान, जप, तप और सेवा कई गुना फलदायी होता है।
- पितरों को प्रसन्न करने से संतान की आयु, स्वास्थ्य और भाग्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
Pitru Paksha 2025 पूजा विधि
- प्रातः स्नान करके पितरों के नाम से संकल्प लें।
- संकल्प में पितरों के नाम, गोत्र और अपना नाम लेकर श्राद्ध का निश्चय करें।
- श्राद्ध कर्म में कुशा, तिल और जल का विशेष महत्व है। इन्हें पवित्रता और पितृ तृप्ति का प्रतीक माना जाता है।
- गंगाजल, तिल और कुशा मिलाकर जल अर्पित करें और 'ॐ पितृभ्यः स्वधा' मंत्र का जाप करते हुए पितरों का स्मरण करें।
- चावल, तिल, जौ और घी मिलाकर पिंड बनाए जाते हैं और उन्हें पितरों के नाम अर्पित किया जाता है।
- ब्राह्मणों या जरूरतमंद लोगों को भोजन कराया जाता है और दक्षिणा दी जाती है। यह पितरों को अर्पण करने के समान ही माना जाता है।
- अनाज, वस्त्र, छाता, बर्तन और दक्षिणा का दान इस काल में विशेष फलदायी होता है।
Disclaimer: इस आलेख का मतलब किसी भी तरह का अंधविश्वास पैदा करना नहीं है। यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार की राय जरूर लें।












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