Shardiya Navratri 2025: माता रानी की पूजा में भूलकर भी न चढ़ाएं ये 5 चीजें, क्या हैं इनके वर्जित होने का कारण?
Shardiya Navratri 2025: नवरात्रि का त्योहार जैसे ही करीब आता है, घर-घर में लोग मां दुर्गा की भक्ति और आराधना में लीन नजर आते हैं। लोग अपने घरों को सजाते हैं, पूजा की तैयारी करते हैं और माता रानी को खुश करने के लिए विभिन्न फूल, फल और पूजा सामग्री अर्पित करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शास्त्रों में कुछ चीजें ऐसी भी बताई गई हैं जिन्हें मां दुर्गा को चढ़ाना मना है?
जी हां, कुछ ऐसी चीजें भी हैं जो हमारी माता रानी पर नहीं चढ़ाई जाती हैं। इनमें तुलसी पत्र, शंख जल, इत्यादि शामिल हैं। शास्त्रीय आधार बताते हैं कि ये वस्तुएं देवी को अर्पित नहीं की जानी चाहिए। इसके पीछे का क्या कारण है वो हम आपको इस आर्टिकल में आगे बताने जा रहे हैं। इसके साथ हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में भी बताएंगे जो मां भवानी को प्रिय हैं।

क्या नहीं करना चहिए मां दुर्गा को अर्पण?
तुलसी पत्र: शास्त्रों में साफ कहा गया है कि तुलसी माता दुर्गा को अर्पित नहीं की जाती। तुलसी भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण को सबसे प्रिय है। यही कारण है कि देवी पूजा में तुलसी पत्र चढाना वर्जित माना गया है।
शंख का जल निषेध: देवी को शंख से जल अर्पित करना भी मना है। शंख भगवान विष्णु का प्रतीक माना जाता है और इसका जल शक्ति पूजा में स्वीकार्य नहीं है। देवी भागवत पुराण में इसका उल्लेख मिलता है।

केतकी (केवड़ा) के फूल: लिंग पुराण और स्कंद पुराण में केतकी फूल को भगवान शिव और विष्णु पूजा में भी वर्जित बताया गया है। इसलिए इसे माँ दुर्गा को अर्पित करना भी उचित नहीं माना जाता।
चंपा फूल नहीं चढ़ाते: चंपा का फूल सुंदर जरूर है, लेकिन ब्रह्मवैवर्त पुराण में लिखा है कि इसमें लक्ष्मी का वास नहीं होता। इसी वजह से इसे देवी दुर्गा पर चढाना मना है।
दूब घास भी नहीं करना चाहिए अर्पित: दूर्वा (दूब घास) भगवान गणेश को प्रिय है। देवी पूजा में इसे चढाने का विधान नहीं है। कई ग्रंथों में इसे देवी दुर्गा को अर्पित करना निषेध बताया गया है।
मां शेरावाली को क्या चढ़ाएं भक्त?
मां भवानी को जहां कुछ चीजें अर्पित करने से मना किया गया है, वहीं शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि मां दुर्गा को कौन-कौन सी वस्तुएं सबसे प्रिय हैं। इनमें लाल रंग के फूल (विशेषकर गुडहल), नारियल, मिश्री, सेब, अनार, हलवा-पूरी और सिंदूर शामिल हैं। इन चीजों को अर्पित करने से देवी प्रसन्न होती हैं और भक्त की मनोकामना पूरी करती हैं।
जय माता दी!
ये भी पढ़ें: Shardiya Navratri 2025: नवरात्रि पर मां दुर्गा को अर्पित करें ये 5 फूल, बदलेगी किस्मत, होगी पैसों की बरसात












Click it and Unblock the Notifications