Champa Shashti 2022: मंगल को है चंपा षष्ठी व्रत, जानिए तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व
Champa Shashti 2022: मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि मंगलवार को है, इसे स्कंद षष्ठी या चंपा षष्ठी व्रत कहते हैं। इस दिन भगवान शिव के अवतार खंडोबा या खंडेराव की पूजा होती है। माना जाता है कि सच्चे मन से मार्कंडेय जी की पूजा करने से इंसान के सारे कष्टों का अंत हो जाता है और उसे सुख वैभव की प्राप्ति होती है। वैसे षष्ठी तिथि का आरंभ आज दोपहर 01.35 मिनट से हो चुका है लेकिन उदयातिथि की वजह से व्रत मंगलवार को ही रखा जाएगा। यह त्योहार कर्नाटक और महाराष्ट्र में विशेष रूप से मनाया जाता है।

शुभ मुहूर्त
मंगलवार सुबह 06.45 मिनट से 08.05 मिनट तक पूजा करने का योग है। पूजा के दिन रवि और द्विपुष्कर योग बन रहा है। ऐसी मान्यता है कि पृथ्वी पर मल्ल और मणि राक्षस को खत्म करने के लिए भगवान शिव ने मार्तंड भैरव का अवतार लिया था। इनकी पूजा करने से इंसान के ऊपर से सारी बुरी बलाएं चली जाती हैं। व्यक्ति भय मुक्त हो जाता है।
भगवान शिव के मंत्र
- मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय
- मंदारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय तस्मे म काराय नम: शिवाय:॥
- शिवाय गौरी वदनाब्जवृंद सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय
- श्री नीलकंठाय वृषभद्धजाय तस्मै शि काराय नम: शिवाय:॥
- अवन्तिकायां विहितावतारं मुक्तिप्रदानाय च सज्जनानाम्।
- अकालमृत्यो: परिरक्षणार्थं वन्दे महाकालमहासुरेशम्।।
शिव स्तुति
- आशुतोष सशाँक शेखर चन्द्र मौली चिदंबरा,
- कोटि कोटि प्रणाम शम्भू कोटि नमन दिगम्बरा,
- निर्विकार ओमकार अविनाशी तुम्ही देवाधि देव ,
- जगत सर्जक प्रलय करता शिवम सत्यम सुंदरा ,
- निरंकार स्वरूप कालेश्वर महा योगीश्वरा ,
- दयानिधि दानिश्वर जय जटाधार अभयंकरा,
- शूल पानी त्रिशूल धारी औगड़ी बाघम्बरी ,
- जय महेश त्रिलोचनाय विश्वनाथ विशम्भरा,
- नाथ नागेश्वर हरो हर पाप साप अभिशाप तम,
- महादेव महान भोले सदा शिव शिव संकरा,
- जगत पति अनुरकती भक्ति सदैव तेरे चरण हो,
- क्षमा हो अपराध सब जय जयति जगदीश्वरा,
- जनम जीवन जगत का संताप ताप मिटे सभी,
- ओम नमः शिवाय मन जपता रहे पञ्चाक्षरा,
- आशुतोष सशाँक शेखर चन्द्र मौली चिदम्बरा,
- कोटि कोटि प्रणाम संभु कोटि नमन दिगम्बरा












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