Chaitra Navratri Puja Samagri: जानिए चैत्र नवरात्रि की पूजा सामग्री , विधि और महत्व
Chaitra Navratri Puja Samagri: 30 मार्च से चैत्र नवरात्र प्रारंभ हो रहे हैं। माता के भक्तों का इस पर्व का बेसब्री से इंतजार होता है। इन नौ दिनों में मां के नौ रूप की पूजा की जाती है, मां का हर रूप बेहद अलौकिक और सुंदर है।
माना जाता है कि नवरात्रि में माता की कृपा पाने के लिए विधिपूर्वक पूजन करना अत्यंत आवश्यक होता है जिसके लिए पूजा सामग्री की व्यवस्था करनी होती है।

आइए जानते हैं कि इस पर्व के लिए कौन-कौन सी सामग्री की आवश्यकता होती है और पूजन की सही विधि क्या है।
चैत्र नवरात्रि पूजा सामग्री (Chaitra Navratri Puja Samagri)
- कलश - तांबे, पीतल या मिट्टी का कलश
- जल - शुद्ध जल
- मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र
- रोली, कुमकुम और हल्दी
- अक्षत (चावल)
- पान, सुपारी और लौंग
- लाल रंग का वस्त्र या चुनरी
- कुश और दूर्वा
- सप्तधान्य (सात प्रकार के अनाज)
- जवारे (बार्ली या गेहूं के अंकुरित बीज)
- सिंदूर और चूड़ी
चैत्र नवरात्रि पूजा विधि (Chaitra Navratri Puja Samagri)
- प्रातः स्नान करके शुद्ध वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थल को साफ करें।
- हाथ में जल लेकर व्रत और पूजा का संकल्प लें।
- कलश स्थापना करें।
- मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र को उचित स्थान पर स्थापित करें।
- इस कलश की पूजा करें।
- देवी को लाल चुनरी अर्पित करें।
- मां दुर्गा को रोली, कुमकुम, अक्षत, फूल और धूप-दीप अर्पित करें।
- दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
- प्रसाद चढ़ाएं और भोग लगाएं।
- मां दुर्गा की आरती करें और 'जय माता दी' का उद्घोष करें।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी बात को अमल में लाने से पहले किसी पंडित या ज्योतिषी से जरूर बातें करें।












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