Chaitra Navratri Do-Donts:भूलकर भी ना करें ये काम वरना मां दुर्गा हो जाएंगी नाराज, बरतें सावधानी
Chaitra Navratri Do-Donts: आदिशक्ति की पूजा के दिन यानी कि चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ हो गया है। सुबह से मंदिरों में मां के जयकारे गूंज रहे हैं। अगर आप घर में पूजा कर रहे हैं तो आपको कुछ बातों का विशेष ख्याल रखा होगा और भूलकर भी ऐसा कुछ नहीं करना होगा, जिससे मां नाराज हों।
आपको बता दें कि अक्सर लोग अनजाने में ऐसी गलतियां कर जाते हैं, जिसकी वजह से उन्हें अपनी पूजा का उतना फल नही मिल पाता है जितना मिलना चाहिए। इसलिए यहां हम आपको बताते हैं कि नवरात्रि के 9 दिनों में आपको क्या करना है और क्या नहीं करना है?

क्या करें (Chaitra Navratri Do-Donts)
- शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करें।
- संभव हो तो अखंड ज्योति जलाएं।
- रोज देवी दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा सच्चे मन से करें।
- फलाहार और सात्विक भोजन करें।
- सेंधा नमक का उपयोग करें।
- अष्टमी या नवमी तिथि पर कन्याओं को भोजन कराएं ।
- ॐ दुं दुर्गायै नमः' या 'जय माता दी' का जाप करें ।
- जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और धन का दान करें।
- घर और पूजा स्थल को स्वच्छ रखें ।
- रामनवमी पर प्रभु राम की पूजा करें।
क्या ना करें (Chaitra Navratri Do-Donts)
- मांस, मछली, अंडा, शराब और नशे का सेवन न करें।
- लहसुन-प्याज का सेवन न करें ।
- बाल, नाखून ना काटें और शेविंग ना करवाएं
- क्रोध, झूठ से दूर रहें।
- चमड़े की बेल्ट, जूते, पर्स आदि का उपयोग करने से बचें।
- किसी का अपमान न करें ।
- घर में झगड़ा न करें।
- यदि आपने अखंड ज्योति जलाई है तो ध्यान रखें कि वह नौ दिनों तक लगातार जलती रहे।
- यदि व्रत रख रहे हैं तो विधिपूर्वक पालन करें।
मां दुर्गा की रोज करें आरती (Chaitra Navratri Do-Donts)
- अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली,
- तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
- तेरे भक्त जनो पर माता भीर पड़ी है भारी।
- दानव दल पर टूट पड़ो मां करके सिंह सवारी॥
- सौ-सौ सिहों से बलशाली, है अष्ट भुजाओं वाली,
- दुष्टों को तू ही ललकारती।
- ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
- माँ-बेटे का है इस जग में बड़ा ही निर्मल नाता।
- पूत-कपूत सुने है पर ना माता सुनी कुमाता॥
- सब पे करूणा दर्शाने वाली, अमृत बरसाने वाली,
- दुखियों के दुखड़े निवारती।
- ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
- नहीं मांगते धन और दौलत, न चांदी न सोना।
- हम तो मांगें तेरे चरणों में छोटा सा कोना॥
- सबकी बिगड़ी बनाने वाली, लाज बचाने वाली,
- सतियों के सत को संवारती।
- ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
- चरण शरण में खड़े तुम्हारी, ले पूजा की थाली।
- वरद हस्त सर पर रख दो माँ संकट हरने वाली॥
- माँ भर दो भक्ति रस प्याली, अष्ट भुजाओं वाली,
- भक्तों के कारज तू ही सारती।
- ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी बात को अमल में लाने से पहले किसी पंडित या ज्योतिषी से जरूर बातें करें।












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