Chaitra Navratri Day 7: आज है मां कालरात्रि का दिन, जानें मुहूर्त, पूजाविधि और महत्व?
Chaitra Navratri Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के अत्यंत भयानक और शक्तिशाली स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। माना जाता है कि मां का यह रूप दुष्टों का संहार करने और भक्तों को भयमुक्त करने के लिए है। कालरात्रि का रंग गहरा काला है, उनके बाल बिखरे हुए हैं और गले में बिजली की तरह चमकने वाली माला है।
उनके तीन नेत्र हैं और वे गर्दभ (गधे) की सवारी करती हैं। हालांकि उनका रूप डरावना दिखता है, लेकिन वे हमेशा शुभ फल देने वाली हैं, इसीलिए उन्हें 'शुभंकरी' भी कहा जाता है।

Maa kalratri Puja Muhurat: आज के शुभ मुहूर्त
- आज के शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: कोई नहीं
- अमृत काल: प्रातः 09 बजकर 19 मिनट से प्रातः 10 बजकर 48 मिनट तक
Maa kalratri Puja Vidhi: मां कालरात्रि की पूजा विधि
सुबह जल्दी स्नान कर साफ कपड़े (संभव हो तो नीले या लाल) पहनें और व्रत का संकल्प लें। सबसे पहले कलश और उसमें स्थापित देवताओं की पूजा करें। कालरात्रि का ध्यान करते हुए उन्हें कुमकुम, अक्षत, पुष्प और धूप-दीप अर्पित करें। मां को गुड़ का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। पूजा के बाद गुड़ का कुछ हिस्सा ब्राह्मण को दान करना चाहिए। ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ..का जाप करना चाहिए इसके बाद मां कालरात्रि की आरती करनी चाहिए।
Maa kalratri Aarti: मां कालरात्रि की आरती
- कालरात्रि जय-जय-महाकाली,
- काल के मुह से बचाने वाली।
- दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा,
- महाचंडी तेरा अवतार।
- पृथ्वी और आकाश पे सारा,
- महाकाली है तेरा पसारा।
- खडग खप्पर रखने वाली,
- दुष्टों का लहू चखने वाली।
- कलकत्ता स्थान तुम्हारा,
- सब जगह देखूं तेरा नजारा।
- सभी देवता सब नर-नारी,
- गावें स्तुति सभी तुम्हारी।
- रक्तदंता और अन्नपूर्णा,
- कृपा करे तो कोई भी दुःख ना।
- ना कोई चिंता रहे बीमारी,
- ना कोई गम ना संकट भारी।
- उस पर कभी कष्ट ना आवें,
- महाकाली मां जिसे बचाबे।
- तू भी भक्त प्रेम से कह,
- कालरात्रि मां तेरी जय।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी बात को अमल में लाने से पहले किसी पंडित या ज्योतिषी से जरूर बातें करें।












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