Chaitra Navratri 2022: आज है मां 'कात्यायनी' का दिन, जाानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, मंत्र और आरती
नई दिल्ली, 07 अप्रैल। नवरात्रि के 6वें दिन होती है मां 'कात्यायनी' की पूजा। माना जाता है कि मां 'कात्यायनी' की पूजा की उपासना और आराधना से भक्तों को बड़ी आसानी से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति होती है। उनके रोग, शोक, संताप और भय नष्ट हो जाते हैं। मां का यह रूप बेहद सरस, सौम्य और मोहक है। नवरात्र के दिनों में मां की सच्चे मन से पूजा की जानी चाहिए।

जाानिए पूजा का शुभ मुहूर्त
- दिनांक 07 अप्रैल 2022
- तिथि: षष्ठी - 20:34:26 तक
- नक्षत्र: मृगशिरा - 22:41:49 तक
- योग: सौभाग्य - 09:30:16 तक
- सूर्योदय: 06:05:04 AM
- सूर्यास्त: 18:42:11 PM
- चन्द्रमा: वृषभ राशि - 09:10:03 तक
- राहुकाल: 13:58:16 से 15:32:54 तक (इस काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है)
- शुभ मुहूर्त का समय, अभिजीत मुहूर्त: 11:58:23 से 12:48:52 तक
- दिशा शूल: दक्षिण
अशुभ मुहूर्त का समय
- दुष्टमुहूर्त: 10:17:27 से 11:07:55 तक, 15:20:17 से 16:10:45 तक
- कुलिक: 10:17:27 से 11:07:55 तक
- कंटक: 15:20:17 से 16:10:45 तक
- कालवेला / अर्द्धयाम: 17:01:14 से 17:51:42 तक
- यमघण्ट: 06:55:33 से 07:46:01 तक
- यमगण्ड: 06:05:04 से 07:39:43 तक
- गुलिक काल: 09:14:21 से 10:48:59 तक
मां 'कात्यायनी' का मंत्र
- या देवी सर्वभूतेषु मां कात्यायनी रूपेण संस्थिता।नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
- ओम देवी कात्यायन्यै नमः॥
- एत्तते वदनम साओमयम् लोचन त्रय भूषितम।
- पातु नः सर्वभितिभ्य, कात्यायनी नमोस्तुते।।
आरती
- जय जय अम्बे, जय कात्यायनी।
- जय जगमाता, जग की महारानी।
- बैजनाथ स्थान तुम्हारा।
- वहां वरदाती नाम पुकारा।
- कई नाम हैं, कई धाम हैं।
- यह स्थान भी तो सुखधाम है।
- हर मंदिर में जोत तुम्हारी।
- कहीं योगेश्वरी महिमा न्यारी।
- हर जगह उत्सव होते रहते।
- हर मंदिर में भक्त हैं कहते।
- कात्यायनी रक्षक काया की।
- ग्रंथि काटे मोह माया की।
- झूठे मोह से छुड़ाने वाली।
- अपना नाम जपाने वाली।
- बृहस्पतिवार को पूजा करियो।
- ध्यान कात्यायनी का धरियो।
- हर संकट को दूर करेगी।
- भंडारे भरपूर करेगी।
- जो भी मां को भक्त पुकारे।
- कात्यायनी सब कष्ट निवारे।












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