Chaitra Navratri 2018: क्यों करते हैं नवरात्रि में मां दुर्गा के 16 श्रृंगार, क्या है इसके मायने?
नई दिल्ली। नवरात्रि के लिए अभी से ही घर में तैयारियां आरंभ हो गई है। इन नौ दिनों में मां के नौ रूपों की पूजा की जाती है। मां का हर भक्त अपनी क्षमता के मुताबिक पूजा-अर्चना करके अपनी भक्ति से भगवती को खुश करने की कोशिश करता है। लेकिन इन दिनों एक खास बात होती है और वो ये कि नवरात्र के दिनों में मां दुर्गा का सोलह श्रृंगार किया जाता है। काशी के पंडित स्वामी नाथ शर्मा का कहना है कि मां का श्रृंगार हमलोग इसलिए करते हैं क्योंकि वो पावन, सर्वशक्तिमान, मजबूत और सुंदर हैं।

मां करती हैं बच्चों की रक्षा...
जिनकी छांव में इंसान हर दर्द भूल जाता है, जब बच्चों को ममता की जरूरत बनती हैं तो वो परमप्रिया मां पार्वती बन जाती हैं और जब बच्चों की जान पर बन आती हैं तो वो मां काली का रूप धर लेती हैं, इसलिए भक्तजन खुश होकर अपनी मां को सजाते हैं।

पुराणों में मां के श्रृंगार का वर्णन
पंडित स्वामी नाथ शर्मा ने कहा कि मां का वास अपने हर भक्त के दिल में होता है इसलिए मां की तरह भक्त को भी संजना-संवरना चाहिए क्योंकि इस वजह से वो खुश और शांत रहेगा, जो कि किसी भी काम को पूरा करने लिए बहुत ज्यादा जरूरी हैं। इसलिए दुर्गासप्तशति और पुराणों में मां के श्रृंगार का वर्णन होता है और नवरात्रि में मां का 16 श्रृंगार किया जाता है।

कैसे सजाएं मां दुर्गा को
- जहां भी मां दुर्गा की पूजा करते हैं वहां एक चौकी पर लाल रंग का वस्त्र बिछाएं।
- उस पर मां की मूर्ति स्थापित करें।
- उसके बाद उन्हें कुमकुम से टीका करें और श्रृंगार का सारा सामान चढ़ाइए।
- अपनी क्षमता के अनुसार आप मां को वस्त्र भी चढ़ा सकते हैं।
- उसके बाद मां दुर्गा को कुछ मीठा अपर्ण करें।
- और मन से उनका ध्यान करें।













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