Budh Pradosh Vrat 2023: साल 2023 का पहला प्रदोष व्रत आज, जानिए पूजा विधि, शुभ-मुहूर्त और आरती

आज अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 57 मिनट तक है जबकि सर्वार्थ मुहूर्त पूरे दिन का है।

Budh Pradosh Vrat 2023:

Budh Pradosh Vrat 2023 (मुहूर्त-पूजाविधि): साल 2023 का पहला प्रदोष व्रत आज है। आज का व्रत बुध प्रदोष है, जो कि खास संयोग में आया है। ये व्रत जो कोई भी करेगा, उसे सुख, शांति और वैभव की प्राप्ति होने वाली है। आपको बता दें कि जब सोमवार को प्रदोष का व्रत रखा जाता है तो उसे सोम प्रदोष व्रत कहते हैं, जब ये व्रत मंगल को पड़ता है तो उसे भौम प्रदोष कहते हैं और जब ये व्रत बुध को आता है तो इसे बुध प्रदोष व्रत कहते हैं और जब ये उपवास शनिवार को आता है तो उसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाता है।

Budh Pradosh Vrat 2023:

आपको बता दें कि त्रयोदिशी तिथि 3 जनवरी को शाम 5 बजकर 37 मिनट पर प्रारंभ हो चुकी है जो कि आज रात 8 बजकर 21 मिनट पर खत्म होगी। प्रदोष व्रत की पूजा वैसे प्रदोष काल में करनी चाहिए, ऐसा माना जाता है कि इस काल में पूजा करने से शिव-पार्वती का विशेष लाभ भक्त को मिलता है और उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। जो लोग बीमारी से ग्रसित हैं या जिनका वैवाहिक जीवन सुखी नहीं है, उन्हें जरूर ये व्रत करना चाहिए।

बुध प्रदोष व्रत 2023 शुभ मुहूर्त

04 जनवरी को अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 57 मिनट तक है जबकि सर्वार्थ मुहूर्त पूरे दिन का है, इसलिए लोग पूजा किसी भी वक्त कर सकते हैं।

पूजा विधि

  • सुबह सबसे पहले नहा-धोकर खुद को स्वच्छ करें फिर साफ कपड़े धारण करें।
  • भगवान शंकर का ध्यान करके व्रत का संकल्प करें।
  • शिवलिंग पर फूल, फल, कुमकुम, रोली, मिठाई, मेवा, दूध अर्पित करें।
  • शिव कथा सुने और अंत में आरती करें और प्रसाद बांटें।
  • गरीबों को दान दें, भूखों को भोजन कराएं।
Budh Pradosh Vrat 2023

शिव जी की आरती

  • जय शिव ओंकारा प्रभु हर शिव ओंकारा
  • ब्रह्मा विष्णु सदाशिव ब्रह्मा विष्णु सदाशिव
  • अर्धांगी धारा ओम जय शिव ओंकारा
  • ओम जय शिव ओंकारा प्रभु हर शिव ओंकारा
  • ब्रह्मा विष्णु सदाशिव ब्रह्मा विष्णु सदाशिव
  • अर्धांगी धारा ओम जय शिव ओंकारा
  • एकानन चतुरानन पंचांनन राजे स्वामी पंचांनन राजे
  • हंसानन गरुड़ासन हंसानन गरुड़ासन
  • वृषवाहन साजे ओम जय शिव ओंकारा
  • दो भुज चारु चतुर्भूज दश भुज ते सोहें स्वामी दश भुज ते सोहें
  • तीनों रूप निरखता तीनों रूप निरखता
  • त्रिभुवन जन मोहें ओम जय शिव ओंकारा
  • अक्षमाला बनमाला मुंडमालाधारी स्वामी मुंडमालाधारी
  • त्रिपुरारी धनसाली चंदन मृदमग चंदा
  • करमालाधारी ओम जय शिव ओंकारा
  • श्वेताम्बर पीताम्बर बाघाम्बर अंगें स्वामी बाघाम्बर अंगें
  • सनकादिक ब्रह्मादिक ब्रह्मादिक सनकादिक
  • भूतादिक संगें ओम जय शिव ओंकारा
  • करम श्रेष्ठ कमड़ंलू चक्र त्रिशूल धरता स्वामी चक्र त्रिशूल धरता
  • जगकर्ता जगहर्ता जगकर्ता जगहर्ता
  • जगपालनकर्ता ओम जय शिव ओंकारा
  • ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका स्वामी जानत अविवेका
  • प्रणवाक्षर के मध्यत प्रणवाक्षर के मध्य
  • ये तीनों एका ओम जय शिव ओंकारा
  • त्रिगुण स्वामीजी की आरती जो कोई नर गावें स्वामी जो कोई जन गावें
  • कहत शिवानंद स्वामी कहत शिवानंद स्वामी
  • मनवांछित फल पावें ओम जय शिव ओंकारा
  • ओम जय शिव ओंकारा प्रभू जय शिव ओंकारा
  • ब्रह्मा विष्णु सदाशिव ब्रह्मा विष्णु सदाशिव
  • अर्धांगी धारा ओम जय शिव ओंकारा
  • ओम जय शिव ओंकारा प्रभू हर शिव ओंकारा
  • ब्रह्मा विष्णु सदाशिव ब्रह्मा विष्णु सदाशिव
  • अर्धांगी धारा ओम जय शिव ओंकारा

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+