Budhwa Mangal 2022: जेठ माह का बड़ा मंगल आज, जानिए इसके बारे में खास बातें
नई दिल्ली, 17 मई। जेठ माह का आज बड़ा मंगलवार है। आज के दिन बजरंगबली की विशेष पूजा-अर्चना होती है। वैसे भी मंगलवार तो हनुमान जी का दिन होता है और हनुमान जी की पूजा करने से इंसान को सुख, शांति, बल, धन, वैभव और खुशी की प्राप्ति होती है लेकिन जेठ के मंगल की बात काफी खास है।

कहते हैं कि इसी दिन प्रभु श्री राम और हनुमान जी की पहली मुलाकात हुई थी तो वहीं दूसरी कथा के मुताबिक महाभारत काल में एक बार गदाधारी भीम को अपनी शक्ति का घमंड हो गया था, तब हनुमान जी ने एक बुजुर्ग का रूप धारण करके उसे युद्ध में परास्त करके उसके घमंड को तोड़ा थाा, वो दिन जेठ का मंगल था। भीम को सबक सिखाने के लिए बजरंगबली ने बूढ़े का रूप धारण किया था इसलिए बड़े मंगल को 'बुढ़वा मंगल' भी कहते हैं।
पूड़ी, हलवा और रोट (मीठी पूड़ी) का भोग
यूं तो हनुमान जी को तो लड्डू प्रिय है लेकिन आज के दिन लोग उन्हें पूड़ी, हलवा और रोट (मीठी पूड़ी) भी भोग के रूप में चढ़ाते हैं। हनुमान जी की पूजा करने वाला हर इंसन भयमुक्त हो जाता है क्योंकि उस पर आने वाले हर संकट को बजरंगबली हर जो लेते हैं।
आपको बता दें कि इस महीने पांच बड़े मंगल पड़ने वाले हैं, जो की निम्नलिखित हैं...
- 17 मई
- 24 मई
- 31 मई
- 7 जून
- 14 जून
आज के दिन करें हनुमान जी की विशेष आरती
- आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।
- जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके।।
- अनजानी पुत्र महाबलदायी। संतान के प्रभु सदा सहाई।
- दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारी सिया सुध लाए।
- लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई।
- लंका जारी असुर संहारे। सियारामजी के काज संवारे।
- लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे। आणि संजीवन प्राण उबारे।
- पैठी पताल तोरि जम कारे। अहिरावण की भुजा उखाड़े।
- बाएं भुजा असुरदल मारे। दाहिने भुजा संतजन तारे।
- सुर-नर-मुनि जन आरती उतारे। जै जै जै हनुमान उचारे।
- कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई।
- लंकविध्वंस कीन्ह रघुराई। तुलसीदास प्रभु कीरति गाई।
- जो हनुमान जी की आरती गावै। बसी बैकुंठ परमपद पावै।
- आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।











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