• search

Aja Ekadashi Vrat 2018: जानिए अजा एकादशी की पूजा का शुभ मुहूर्त और व्रत विधि

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्ली। आज 'अजा एकादशी' है, हिंदू धर्म में हर एकादशी की खास मान्यता है इसलिए आज का दिन बेहद ही मानक है। भाद्रपद में कष्णपक्ष में आने वाली एकादशी को 'अजा एकादशी' कहते हैं, यह एकादशी सभी पापों को नष्ट करने वाली और अत्यंत शुभ फल देने वाली है, इसका व्रत करने वाले की हर मनोकामना पूरी होती है, जो लोग आज उपवास रख रहे हैं उनके लिए पारण का वक्त 7 सितंबर शुक्रवार को सुबह 6 बजकर 6 मिनट से 8 बजकर 35 मिनट है।

    तिथि और मुहूर्त

    तिथि और मुहूर्त

    • अजा एकादशी व्रत तिथि : 6 सितंबर 2018
    • पारण का समय - 7 सितंबर को 06:06 से 08:35 बजे तक
    • एकादशी तिथि कब शुरू होगी - 05 सितंबर 2018 को 15:01 बजे
    • एकादशी तिथि समाप्त - 06 सितंबर को 12:15 बजे
     कैसे करें पूजा

    कैसे करें पूजा

    एकादशी को प्रातःकाल उठें। इसके बाद घर की साफ-सफाई तथा नित्य कर्म से निवृत्त हो जाएं। स्नान कर पवित्र जल का घर में छिड़काव करें। घर के पूजन स्थल पर प्रभु श्री हरि विष्णु की सोने, चांदी, तांबे अथवा पीतल की मूर्ति की स्थापना करें। इसके बाद व्रत कथा सुननी चाहिए। इसके बाद आरती कर प्रसाद वितरण करें। अंत में सफेद चादर से ढंके गद्दे-तकिए वाले पलंग पर श्री विष्णु को शयन कराना चाहिए।

    कथा

    कथा

    प्राचीनकाल में हरिशचंद्र नामक एक चक्रवर्ती राजा राज्य करता था। उसने किसी कर्म के वशीभूत होकर अपना सारा राज्य व धन त्याग दिया, साथ ही अपनी स्त्री, पुत्र तथा स्वयं को बेच दिया।वह राजा चांडाल का दास बनकर सत्य को धारण करता हुआ मृतकों का वस्त्र ग्रहण करता रहा। मगर किसी प्रकार से सत्य से विचलित नहीं हुआ। कई बार राजा चिंता के समुद्र में डूबकर अपने मन में विचार करने लगता कि मैं कहां जाऊं, क्या करूं, जिससे मेरा उद्धार हो। राजा इसी चिंता में बैठा हुआ था कि गौतम ऋषि आ गए। राजा ने उन्हें देखकर प्रणाम किया और अपनी सारी दु:खभरी कहानी कह सुनाई। यह बात सुनकर गौतम ऋषि कहने लगे कि राजन तुम्हारे भाग्य से आज से सात दिन बाद भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अजा नाम की एकादशी आएगी, तुम विधिपूर्वक उसका व्रत करो। राजा ने उनके कथनानुसार एकादशी आने पर विधिपूर्वक व्रत व जागरण किया। उस व्रत के प्रभाव से राजा के समस्त पाप नष्ट हो गए। उन्होंने अपने मृतक पुत्र को जीवित और अपनी स्त्री को वस्त्र तथा आभूषणों से युक्त देखा। व्रत के प्रभाव से राजा को पुन: राज्य मिल गया। अंत में वह अपने परिवार सहित स्वर्ग को गया।

    यह भी पढ़ें: Hartalika Vrat 2018: इस तरह कीजिए शिव-पार्वती की पूजा

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Aja Ekadashi is the ekadashi that is observed during the Krishna Paksha (the dark fortnight of moon) in the Hindu month of ‘Bhadrapada’.Read Muhurat and Puja Vidhi.

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more