राजस्थान सरकार ने ग्रीन पटाखों से दिवाली मनाने की दी छूट, NCR में रहेगा प्रतिबंध
जयपुर, अक्टूबर 16: त्योहारी सीजन से पहले राजस्थान सरकार ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र(एनसीआर) के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों को छोड़कर, राज्य में ग्रीन पटाखों के उपयोग और बिक्री की अनुमति दी है। इससे पहले गहलोत सरकार ने 30 सितंबर को जारी एक आदेश में कोविड-19 और अन्य बीमारियों के रोगियों को उनके जहरीले धुएं से होने वाले खतरे को देखते हुए 1 अक्टूबर 2021 से 31 जनवरी 2022 तक पटाखों की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था।

हालांकि, राजस्थान गृह विभाग ने शुक्रवार को एक संशोधित एडवाइजरी जारी कर राज्य में एनसीआर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों को छोड़कर हरित पटाखों के उपयोग और बिक्री की अनुमति दी। आदेश में कहा गया है कि एनसीआर को छोड़कर राजस्थान में हरे पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति होगी। नसीआर क्षेत्र में किसी भी कीमत पर पटाखे बेचने और जलाने पर प्रतिबंध रहेगा।
सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि, दिवाली, गुरुपर्व और अन्य त्योहारों (रात 8 बजे से 10 बजे तक), छठ के दौरान (सुबह 6 बजे से 8 बजे तक) और क्रिसमस और नए साल पर (रात 11.55 से 12.30 बजे तक) हरे पटाखों के उपयोग की अनुमति होगी। हालांकि, खराब वायु गुणवत्ता वाले शहरों में प्रतिबंध लागू रहेगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वेब पोर्टल पर वायु गुणवत्ता सूचकांक की जांच की जा सकती है।
आदेश में कहा गया है कि नीरी मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करके क्रैकर बॉक्स पर क्यूआर कोड को स्कैन करके ग्रीन क्रैकर्स की पहचान की जा सकती है। ग्रीन पटाखे वो हैं जो तय लिमिट में आवाज और धुएं देते हैं। ऐसे ही पटाखों को कोर्ट ने ग्रीन यानी इकोफ्रेंडली माना है। इनमें नाइट्रोजन ऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड की कम मात्रा इस्तेमाल होती है। ऐसे पटाखे जलाने से बेहद ही कम मात्रा में प्रदूषण की गुंजाइश रहती है।












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