केंद्र ने पंजाब में BSF का अधिकार क्षेत्र 15KM से किया 50KM, सीएम चन्नी ने जताया विरोध
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर: केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का अधिकार क्षेत्र 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किमी कर दिया गया। अपने इस अधिकार क्षेत्र में बीएसएफ अधिकारियों को पुलिस में अपने समकक्षों के समान गिरफ्तारी, तलाशी और जब्ती का अधिकार है। अब इस फैसले पर राजनीति शुरू हो गई है। सबसे पहले पंजाब के नए सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने इसका विरोध किया।

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सीएम चन्नी ने ट्वीट कर लिखा कि मैं भारत सरकार के एकतरफा फैसले की कड़ी निंदा करता हूं। जिसमें अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के साथ-साथ चलने वाले 50 किलोमीटर के दायरे में बीएसएफ को अतिरिक्त शक्तियां देने का फैसला किया गया है, ये राज्यों के अधिकार पर सीधा हमला है। मैं गृहमंत्री अमित शाह से इस फैसले को वापस लेने का आग्रह करता हूं। पंजाब के डिप्टी सीएम एस सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी इस फैसले को अतार्किक बताया। उन्होंने कहा कि अंदरुनी इलाकों में पुलिसिंग का काम बीएसएफ को देना सही नहीं है।
अन्य राज्यों में ऐसे नियम
गृह मंत्रालय का नया आदेश 11 अक्टूबर 2021 से लागू हो गया है। जिसके तहत बीएफएफ 50 किमी के दायरे में बिना किसी रुकावट एक्शन ले सकती है। ये फैसला पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम में लागू हुआ है। वहीं गुजरात में बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र 80 किमी था, जिसे घटाकर 50 कर दिया गया। हालांकि राजस्थान में 50 किमी का दायर पहले से निर्धारित था, जिसमें छेड़छाड़ नहीं की गई है।
मंत्रालय ने मेघालय, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा, मणिपुर, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख में कोई सीमा निर्धारित नहीं की है। ऐसा पहले ही होता आ रहा है। मंत्रालय ने बताया कि उनसे सीमा सुरक्षा बल अधिनियम, 1968 की धारा 139 के तहत ये फैसला लिया गया, जो केंद्र को बल के अधिकार क्षेत्र को अधिसूचित करने का अधिकार देती है।












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