कोरोना लॉकडाउन के दौरान योगी सरकार की योजनाओं का युवाओं ने उठाया लाभ, हजारों को मिला रोजगार
नई दिल्ली। खादी के कारोबार में दिलचस्पी रखने वाले युवाओं के लिए खादी विकास और ग्रामोद्योग आयोग नई योजना लेकर आया है। कोरोना लॉकडाउन के दौरान यूपी के युवाओं ने इसका जमकर फायदा उठाया है। हजारों युवाओं को इससे रोजगार भी मिला है। यूपी सरकार का दावा है कि यूपी में बने खादी प्रोडक्ट के चलते ही खादी को इंटरनेशनल पहचान भी मिली है। वेस्ट यूपी से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश तक केवीआईसी और योगी आदित्यनाथ सरकार ने युवाओं को करोड़ रुपये का अनुदान और लोन दिलाने में मदद की है।

यूपी सरकार का कहना है कि सरकार ने 1 अप्रैल से 30 जून तक यूपी में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत बैंकों से स्वीकृत परियोजनाओं में 4928 लोगों को रोजगार दिया है। इस कार्यक्रम के तहत केवीआईसी, उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड और जिला उद्योग केन्द्र में बैंकों द्वारा 616 परियोजनाएं स्वीकृत की गईं।
इन परियोजनाओं को 22।84 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया। यूपी में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यामों को बढ़ावा देने के लिये सीएम आदित्यनाथ ने विकास का जो मॉडल रखा उसके चलते गांवों में उद्योग तो बढ़े ही साथ ही गांव-गांव से युवाओं का पलायन भी रुका। लखनऊ, बुलंदशहर, हापुड़, फतेहपुर, बाराबंकी, औरैया, हरदोई, ललितपुर, लखीमपुर खीरी, वाराणसी, चंदौली, शामली और प्रतापगढ़ में खादी की यूनिट पूरी तरह से तैयार होकर काम करने लगी हैं।
यूपी सरकार का आरोप है कि यूपी में खादी अपनी पहचान को तरस रही थी। आज उसी खादी को यूपी की सरकार ने 04 साल में इंटरनेशन लेवल पर पहचान दिलाने का काम किया है। सरकार ने खादी से जहां आम आदमी को जोड़ा है, वहीं विदेशों में भी खादी को बढ़ावा देने के लिए इंटरनेशनल लेवल पर फैशन शो के आयोजन कराए हैं।
खादी का दायरा बढ़ने से कोरोना काल के दौरान भी सरकार ने इसे विभिन्न परियोजनाओं से जोड़ कर रोजगार के नए-नए अवसर पैदा किए। युवाओं के बीच लोकप्रिय खादी के उत्पादों को नया कलेवर देने के लिए इससे जुड़े कारीगर जी-जान से जुटे हुए हैं।












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