दूर-दराज के इलाकों में ड्रोन से दवाएं पहुंचाने की योगी सरकार की योजना
लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दूर दराज से आने वाली जीवन दक्षक दवाओं को ड्रोन की निगरानी में भेजने को लेकर प्रस्ताव मांगा है। सीएम योगी ने कहा दूर-दराज के क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है। इसके अन्तर्गत ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने दूर-दराज के क्षेत्रों में जीवन रक्षक दवाएं सुलभ कराने में ड्रोन के उपयोग की योजना का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री मंगलवार को अपने सरकारी आवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण की दर में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन हर स्तर पर एक सख्त निगरानी की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की टेस्टिंग का कार्य पूरी क्षमता से संचालित किया जाए। कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग तथा सर्विलांस सिस्टम को सक्रिय रखा जाए।
कोविड चिकित्सालयों की व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखा जाए। उन्होंने कोविड-19 से बचाव के सम्बन्ध में लोगों को निरन्तर जागरूक किए जाने पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के समस्त 08 आकांक्षात्मक जिलों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर करने के लिए केन्द्र को प्रस्ताव भेजा जाए। उन्होंने आकांक्षात्मक जनपदों में टेलीमेडिसिन / टेलीकन्सल्टेशन को प्रोत्साहित करने के संबंध में तेजी से कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ में वायरोलॉजी संस्थान की स्थापना की कार्यवाही को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस संस्थान को नेशनल इन्स्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे की तर्ज पर विकसित किया जाए। प्रदेश में वायरोलॉजी संस्थान की स्थापना हो जाने पर चिकित्सा के क्षेत्र में उच्चस्तरीय जांच व शोध की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इस समय सघन पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत टीमें घर-घर जाकर 0-5 वर्ष आयु के बच्चों को पोलियो टीके की खुराक पिला रही हैं। उन्होंने इस कार्यवाही की सघन मॉनिटरिंग करने के निर्देश देते हुए कहा कि अभियान के माध्यम से लक्षित आयु वर्ग के सभी बच्चों का पोलियो टीकाकरण किया जाए।












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