यूपी में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत कर रही योगी सरकार, हर ऑक्सीजन प्लांट में तकनीकी नोडल अधिकारी तैनात
लखनऊ। कोरोना की दूसरी लहर में बड़े संकट का सामना कर चुके उत्तर प्रदेश में अब स्वास्थ्य संबंधी आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की कसरत चल रही है। प्रोजेक्ट मानीटरिंग ग्रुप की बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा करने के साथ ही मुख्य सचिव आरके तिवारी ने प्रदेश में स्थापित हो रहे प्रत्येक आक्सीजन प्लांट के लिए एक तकनीकी नोडल अधिकारी भी तैनात करने का निर्देश दिया है।

मुख्य सचिव आरके तिवारी ने प्रोजेक्ट मानीटरिंग ग्रुप की वर्चुअल बैठक में अधिकारियों के साथ नए मेडिकल कॉलेज, रायबरेली और गोरखपुर में एम्स, लखनऊ में श्री अटल बिहारी बाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय, आयुष विश्वविद्यालय, उप्र इंस्टीट्यूट ऑफ फारेंसिक साइंस, आजमगढ़, अलीगढ़ एवं सहारनपुर में विश्वविद्यालय व खेल विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ ही आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड व वेलनेस सेंटर की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अंतरविभागीय प्रकरणों का समय से निस्तारण किया जाए। पिछले सप्ताह वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को जिलों में भेजा गया था। उनके द्वारा दिए गए उपयोगी सुझावों का तत्परता से पालन कराएं।
मुख्य सचिव आरके तिवारी ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सालयों में बड़ी संख्या में मेडिकल उपकरण व आक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। उनके संचालन और रखरखाव के पुख्ता इंतजाम रहें। जो निर्माता कंपनी मेडिकल उपकरण लगा रही हैं, उनसे बात कर स्थानीय स्टाफ की ट्रेनिंग करा दी जाए, ताकि यदि उपकरणों में छोटी खराबियां आती हैं तो तुरंत ठीक की जा सकें। उन्होंने निर्देश दिया कि मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में लगाए जा रहे आक्सीजन प्लांट के रखरखाव व मरम्मत की भी उचित व्यवस्था हो। प्रत्येक आक्सीजन प्लांट के लिए एक टेक्निकल नोडल अधिकारी तैनात किया जाए, जो प्लांट के संचालन और रखरखाव के लिए उत्तरदायी हो।
पीडियाट्रिक वार्डों के लिए करें उपकरण व मैन पावर की व्यवस्था : मुख्य सचिव आरके तिवारी ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में पीडियाट्रिक वार्ड बनाए जा रहे हैं, जिनके लिए जरूरी उपकरण और मैनपावर की व्यवस्था अभी से ही कर ली जाए। चिकित्सा शिक्षा, आयुष, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, गृह, उच्च शिक्षा और खेल विभाग की संबंधित परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड योजना की समीक्षा में कहा कि 27 मई, 2021 को ग्राम पंचायतों की पहली बैठक हो रही है, जिसमें गोल्डन कार्ड के बारे में भी बताया जाए।












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