योगी सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में बदलाव की बयार लाकर स्थापित किये नए कीर्तिमान

लखनऊ। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली यूपी सरकार ने चार वर्षो में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक में बड़े बदलाव किये। सरकारी आंकड़ों की बात करें तो सिर्फ सरकारी प्राइमरी स्कूलों में न केवल 1.20 लाख शिक्षकों की भर्ती की गई, बल्कि 93 हजार से अधिक प्राथमिक विद्यालयों की सूरत को ही बदल डाला। कक्षाओं में टायल्स, कुर्सी मेज, दीवारों पर आकर्षक कलाकृतियां, पीने के लिए स्वच्छ पानी, खेल सामग्री के साथ स्मार्ट क्लास बनवाए।

Yogi govt established new milestones in field of education

आपको बता दें कि जिन सरकारी प्राइमरी स्कूलों में बच्चे पहले ठीक से हिंदी नहीं बोल पाते थे। वह बच्चे अब अंग्रेजी में बात कर रहे हैं। लखनऊ का प्राथमिक विद्यालय नरही, प्राथमिक विद्यालय मोहरिकला, प्राथमिक विद्यालय मिर्जापुर, प्राथमिक विद्यालय बाजूपुर, प्राथमिक विद्यालय महमूदपुर समेत प्रदेश के सैकड़ों स्कूल आज निजी विद्यालयों का टक्कर दे रहे हैं। कोई भी प्राथमिक विद्यालय अब शिक्षक विहीन नहीं है। मिशन प्रेरणा के तहत बच्चों में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाया गया। प्राथमिक शिक्षा में बदलाव की बयार का ही नतीजा है कि चार साल में प्राथमिक विद्यालयों में 54 लाख छात्र बढ़ गए हैं।

प्रतियोगी छात्रों के लिये पहली बार अनूठी पहल की
गौरतलब है कि पहली बार प्रतियोगी छात्रों के लिए सरकार की अनूठी पहल शुरू हुई है। इसके तहत "अभ्युदय कोचिंग क्लासेज" की शुरुआत की गई। इस योजना में प्रशासनिक सेवा से जुड़े अधिकारियों द्वारा क्लासेज दिये जाने की अनोखी योजना आज तक कभी किसी सरकार ने नहीं चलाई। योगी सरकार की इस योजना में करीब 20 लाख प्रतियोगी छात्र डिजिटली, फिजिकली लाभान्वित हो रहे हैं।

पहली बार श्रमिकों और निराश्रितों के बच्चों को मिला तोहफा
श्रमिकों और निराश्रितों के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले और उनके बेहतर भविष्य का निर्माण हो सके। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अटल आवासीय विद्यालयों का तोहफा दिया। सभी मंडल मुख्यालयों पर इन आवासीय विद्यालयों का शिलान्यास भी हो चुका है। गौरतलब है कि यह विद्यालय नवोदय विद्यालय की तर्ज पर चलाए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन विद्यालयों का शुभारंभ करते श्रमिकों और निराश्रितों के बच्चों को यह आश्वासन भी दिया कि प्रदेश में जिसका कोई नहीं है, उसकी सरकार होगी। इसके लिए सरकार ने हर वर्ग के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इन स्कूलों में श्रमिकों और निराश्रितों के बच्चे पढ़ेगे। इसमें रजिस्टर्ड श्रमिकों के बच्चों को सभी सुविधाएं नि:शुल्क मिलेंगी। खेल में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को खेलों में प्रोत्साहन दिया जाएगा। साथ ही स्किल डिवेलपमेंट के जरिए उनको स्वावलंबी बनने की प्रेरणा दी जाएगी।

शिक्षा से मिले युवाओं को उड़ान के लिये खोल दिये खजाने
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने माध्यमिक शिक्षा में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू किया जो एक एतिहासिक कदम साबित हुआ। साथ ही उन्होंने उच्च शिक्षा में - तीन नए विश्विद्यालय (सहारनपुर, अलीगढ़, आजमगढ़) के साथ ही निजी विश्विद्यालय के स्थापना को भी प्रोत्साहन दिया। पहली बार प्रदेश में उच्च शिक्षा के 4 नए विश्विद्यालय स्थापित हुए। जिनमें अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ, स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय, मेरठ, विधि विश्वविद्यालय, प्रयागराज में और आयुष विश्वविद्यालय गोरखपुर शामिल हैं। इसके अलावा पहली बार फोरेंसिक साइंस इंस्टिट्यूट लखनऊ में, 51 नए राजकीय महाविद्यालय, 24 नए पॉलिटेक्निक, 4 राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, 260 आईटीआई की स्थापना हुई।

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