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Homecoming: भारत की पहली ऐसी एंथोलॉजी, जो महिलाओं की मानसिक स्वास्थ्य जर्नी दिखाती है!

Westland Books Launch Homecoming: दिल्ली के इंडिया हैबिटैट सेंटर में एक अनोखा और भावुक कर देने वाला पल देखने को मिला। Westland Books ने अपनी नई किताब "होमकमिंग: मेंटल हेल्थ जर्नीज ऑफ रेजिलिएंस, हीलिंग एंड होलनेस" लॉन्च की। इस किताब को नेहा किर्पाल और डॉ. नंदिनी मुरली ने मिलकर लिखा है।

खास बात यह है कि यह भारत की पहली ऐसी एंथोलॉजी (संकलन) है, जिसमें 11 महिला नेताओं की मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सच्ची कहानियां दर्ज हैं। होमकमिंग सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि एक आंदोलन की तरह है -जो यह याद दिलाती है कि मानसिक स्वास्थ्य पर चुप्पी नहीं, बातचीत जरूरी है।

Westland Books Launch Homecoming

महिलाओं की बेबाक कहानियां - अवसाद से आत्महत्या तक

इस किताब में शामिल महिलाएँ सिर्फ उद्यमी या सामाजिक कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि शिक्षिका, मनोचिकित्सक, परोपकारी और एक्टिविस्ट भी हैं। उन्होंने डिप्रेशन, स्किज़ोफ्रेनिया, क्रॉनिक एंग्जायटी, बाइपोलर डिसऑर्डर, ओसीडी, आत्महत्या के सदमे और पीढ़ी-दर-पीढ़ी चले आ रहे ट्रॉमा जैसी चुनौतियों के साथ अपनी ज़िंदगी जी और उनसे बाहर निकलने की हिम्मत जुटाई।

लॉन्च इवेंट में करीब 200 लोग मौजूद थे। वहां माहौल ऐसा था, जहाँ हर किसी को खुलकर अपनी बात कहने और सुनने का मौका मिला। लेखकों के साथ मंच पर जैनब पटेल, डॉ. काविता अरोड़ा, कैरवी भरत राम, डॉ. फीरोजा जे. गोदरेज, डॉ. पूर्णिमा विश्वनाथन और जननी अय्यर जैसी शख्सियतें भी मौजूद थीं।

नेहा किर्पाल बोलीं -अपनी कहानी कहना सबसे बड़ी ताकत है

नेहा किर्पाल, जिन्होंने कभी इंडिया आर्ट फेयर की शुरुआत की थी और अब Amaha Health व Children First जैसी संस्थाओं से जुड़ी हैं, ने कहा -"मैं खुद स्किजोफ्रेनिया से जूझते एक अभिभावक की बेटी और भाई की आत्महत्या का गवाह रही हूँ। इसलिए जानती हूँ कि अपने अनुभव साझा करना मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए जरूरी है। यही किताब 'होमकमिंग' का मकसद है - लोगों को साहस और उम्मीद देना और समाज व सरकार को संवेदनशील माहौल बनाने के लिए प्रेरित करना।"

डॉ. नंदिनी मुरली ने कहा - औरतें अदृश्य बोझ ढोती हैं

डॉ. नंदिनी मुरली, जिन्होंने अपने पति की आत्महत्या के बाद SPEAK नाम से पहल शुरू की, बोलीं -''महिलाएं अक्सर caregiving, कलंक और सामाजिक दबाव के बीच चुपचाप जीती रहती हैं। इस किताब की हर कहानी साहस की मिसाल है। यह सिर्फ सुनी जाने के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था में बदलाव लाने के लिए लिखी गई है। मेरी उम्मीद है कि ये किस्से हाशिए से निकलकर मुख्यधारा का हिस्सा बनें।''

क्यों खास है होमकमिंग?

यह भारत की पहली किताब है, जिसमें महिला नेताओं ने मानसिक स्वास्थ्य के संघर्ष को खुलकर साझा किया। इसमें व्यक्तिगत कहानियों के जरिए दिखाया गया है कि कैसे महिलाएँ एक साथ समाज, परिवार और करियर की जिम्मेदारियों के बीच मानसिक दबाव झेलती हैं। यह किताब मानसिक स्वास्थ्य को "वर्जित विषय" से निकालकर मुख्य बहस का हिस्सा बनाने की कोशिश है।

Westland Books: भारतीय पब्लिशिंग की एक मिसाल

Westland Books एक पुरस्कार विजेता भारतीय प्रकाशक है, जो अपनी विविध और रोचक किताबों के लिए जाना जाता है। यह पब्लिशर लोकप्रिय और साहित्यिक फिक्शन, बिज़नेस, राजनीति, जीवनी, आध्यात्मिकता, पॉपुलर साइंस, स्वास्थ्य और सेल्फ-हेल्प जैसी कई श्रेणियों में किताबें प्रकाशित करता है।

मुख्य पब्लिशिंग इम्प्रिंट्स

  • Context: पुरस्कार विजेता साहित्यिक फिक्शन और नॉन-फिक्शन प्रकाशित करता है।
  • Ekadā: भारतीय भाषाओं और अनुवाद में आधुनिक लेखन का बेहतरीन संग्रह।
  • Tranquebar: भारतीय उपमहाद्वीप से नई और बेहतरीन फिक्शन।
  • Westland Sport, Westland Business, Westland Non-Fiction: संबंधित विषयों में विविध किताबें।
  • Red Panda: अलग-अलग उम्र के बच्चों के लिए किताबें।

नई पहलें

  • Indie Press (2023): नए और पुराने लेखकों के लिए आत्म-प्रकाशन का प्लेटफ़ॉर्म।
  • IF (2024): स्पेसुलैटिव फिक्शन की लिस्ट।
  • Pratilipi Comics: पाठकों के लिए रोचक ग्राफिक स्टोरीज़।
  • QD (Queer Directions): LGBTQIA+ आवाजों को बढ़ावा देने वाला इम्प्रिंट, जिसमें नॉन-फिक्शन, कविता और फिक्शन शामिल हैं।
  • Westland Books लगातार नए और विविध विषयों में किताबें लाकर भारतीय पाठकों के लिए पढ़ने का अनुभव और भी रोचक बना रहा है।

इंडिया मेंटल हेल्थ अलायंस (IMHA) - मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक नई पहल

इंडिया मेंटल हेल्थ अलायंस (IMHA) की स्थापना 2023 के अंत में की गई थी। इसे वसवी और आशीष भारत राम ने Amaha और Children First जैसी मानसिक स्वास्थ्य संस्थाओं के सहयोग से शुरू किया। इसका मकसद भारत में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता बढ़ाना और विभिन्न संस्थाओं के बीच सहयोग को मजबूत करना है।

IMHA ने क्रॉस-सेक्टरल अप्रोच अपनाते हुए कई महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम और सहयोग पहल शुरू की हैं। पहले ही साल में, IMHA ने 220 से अधिक सदस्य संगठनों और 2000+ मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों तक अपनी सेवाएं और प्रशिक्षण पहुंचाए।

IMHA एक सेक्शन-8 गैर-लाभकारी संगठन है। इसके संस्थापक ट्रस्टी वसवी और आशीष भारत राम हैं, जिन्होंने Amaha और Children First के साथ मिलकर इसे स्थापित किया। साल 2024 में मनीषा धवन इस संगठन से जुड़ीं और उन्होंने स्ट्रैटेजिक डोनर और बोर्ड मेंबर के रूप में योगदान दिया। IMHA लगातार भारत में मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्षमता निर्माण और सहयोग को बढ़ावा देने का काम कर रहा है।

पहला वार्षिक सम्मेलन और नॉलेज सेंटर का लॉन्च

29 सितंबर 2025 को नई दिल्ली में IMHA का पहला वार्षिक सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 200 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। इस अवसर पर IMHA का नॉलेज सेंटर भी लॉन्च किया गया। यह एक ओपन-सोर्स रिपॉजिटरी है, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े प्रमाण-आधारित संसाधन, रिपोर्ट, टेम्पलेट और रिसर्च पेपर उपलब्ध हैं। इसका उद्देश्य भारत में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जानकारी और ज्ञान को आसानी से साझा करना है।

समाज को दिया बड़ा संदेश

इस लॉन्च ने सिर्फ एक किताब का विमोचन नहीं किया, बल्कि यह दिखाया कि जब लोग अपनी कहानियाँ साझा करते हैं, तो समाज में भरोसा और जुड़ाव बढ़ता है। इवेंट में आए कई बिजनेस लीडर्स, वकीलों और डॉक्टरों ने भी अपने परिवार के अनुभव साझा किए, जिससे यह शाम और भी अर्थपूर्ण बन गई।

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