छत्‍तीसगढ़ में अल्प वर्षा वाले क्षेत्रों में बांधों से मिलता रहेगा सिंचाई के लिए पानी

रायपुर। राज्य के अल्प वर्षा वाले क्षेत्रों में सिंचाई के लिए बांधों से की जा रही जल आपूर्ति जारी रहेगी। जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे ने विभागीय अधिकारियों को सिंचाई के लिए बांधों व जलाशयों से यथासंभव जलापूर्ति जारी रखने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को चौबे ने नवा रायपुर स्थित शिवनाथ भवन जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए जलापूर्ति व सिंचाई परियोजना के निर्माण की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में अफसरों ने बताया कि अब तक लगभग 10 लाख हेक्टेयर में सिंचाई के लिए जलापूर्ति की जा चुकी है।

Water for irrigation will continue to be available from dams in areas with scanty rainfall in Chhattisgarh

बैठक में मंत्री चौबे ने अधिकारियों को बजट में शामिल सिंचाई परियोजनाओं विशेषकर लिफ्ट एरिगेशन व इंटर लिंकिंग प्रोजेक्ट के कामों को तेजी से अमल में लाए जाने के निर्देश दिए। बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर जिले में मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप सिंचाई के उपयुक्त साईट पर माईनर प्रोजेक्ट के निर्माण के प्रस्ताव को लेकर भी उन्होंने अधिकारियों से जानकारी ली और इसकी प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त कर तेजी से काम शुरू कराने के निर्देश दिए।

इन बांधों से छोड़ा जा रहा है पानी
अफसरों ने बताया कि गंगरेल बांध से बीते 16 अगस्त से कमांड एरिया के किसानों को सिंचाई के लिए पानी दिया जा रहा है। बांध से 5000 से 7500 क्यूसेक पानी सिंचाई के लिए छोड़ा जा रहा है। गंगरेल में वर्तमान में 39 प्रतिशत जल भराव है। अब तक गंगरेल के कमांड एरिया के लगभग डेढ लाख हेक्टेयर में सिंचाई के लिए पानी दिया जा चुका है। जोंक परियोजना के माध्यम से खरीफ फसलों के एक चक्र की सिंचाई के लिए जलापूर्ति की जा चुकी है। हसदेव कछार और मिनीमाता बांगो परियोजना के माध्यम से सिंचाई के लिए किसानों को आवश्यकता अनुसार जारी है। हसदेव-गंगा कछार परियोजना से अंबिकापुर क्षेत्र में 66 हजार हेक्टेयर में जलापूर्ति की गई है।

नदियों और जलाशयों को जोड़ने बनेगी योजना
सिंचाई परियोजनाओं व जलाशयों को आपस में या नदियों से इंटरलिंक कर सिंचाई के रकबे में वृद्धि की जा सकती है। चौबे ने इसके लिए अधिकारियों को सर्वे कर प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए। बजट के नए मद में शामिल लिफ्ट एरिगेशन के काम पर तेजी से अमल सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की एक विशेष टीम गठित करने और भ्रमण-अध्ययन कर प्रोजेक्ट तैयार कराने के निर्देश दिए।

एसीएस ने 15 दिन में मांगा प्रस्ताव
विभाग के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने लिफ्ट एरिगेशन प्रोजेक्ट के बाकी बचे प्रस्ताव को शीघ्र जमा कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने राज्य के प्रत्येक कार्यपालन अभियंता के अंतर्गत कम से कम लिफ्ट एरिगेशन के निर्माण का एक प्रस्ताव 15 दिवस के भीतर तैयार कर भिजवाने को कहा। बता दें कि वर्ष 2020-21 के नवीन मद में 14 और वर्ष 2021-22 में 29 लिफ्ट एरिगेशन प्रोजेक्ट शामिल हैं।

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