उत्तराखंड: नियमित किए जाएंगे आउटसोर्स सफाईकर्मी, मांगा गया प्रस्ताव
उत्तराखंड: नियमित किए जाएंगे आउटसोर्स सफाईकर्मी, मांगा गया प्रस्ताव
देहरादून, 22 जुलाई: उत्तराखंड में दस साल से अधिक समय से सेवा दे रहे मोहल्ला समिति, संविदा और आउटसोर्स कर्मियों को नियमित किया जा सकता है। शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत ने अधिकारियों से इसको लेकर प्रस्ताव मांगा है। प्रस्ताव तैयार होने के बाद कैबिनेट में पेश किया जाएगा। साथ ही मंत्री ने सफाई कर्मचारियों के उपकरण एवं धुलाई भत्ते को 200 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये करने के निर्देश दिए हैं। लंबे समय से सफाई कर्मी नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं।

मंगलवार को देर रात प्रदेश के सफाई कर्मचारियों से जुड़े तमाम संगठनों की शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत के आवास पर विभागीय सचिव समेत अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में बैठक हुई। इस दौरान राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने कहा कि सफाई करने वाले कर्मचारियों को संविदा पर नौकरी दिए जाने से उनके भविष्य पर संकट बना रहता है। इसलिए इनका नियमितीकरण जरूरी है।
उन्होनें पूर्व में कांग्रेस सरकार द्वारा प्रदेश की शहरी निकायों में सफाई कर्मचारियों के मृत संवर्ग को यथावत रखने और सफाई कर्मचारियों का सामूहिक बीमा दोबारा शुरू करने की मांग प्रमुखता से उठाई। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के आवासों का मालिकाना हक दिये जाने और सफाई कार्यो में ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर सीधे निकायों के माध्यम से सफाई कर्मचारी रखे जाने एवं सीधे उनके खाते में भुगतान करने की मांग भी की। सफाई कर्मचारियों ने पर्यावरण पर्यवेक्षक की भर्ती व योग्यता इंटर में विज्ञान वर्ग हटाने का मुद्दा भी जोरों से उठाया। मृतक आश्रितों की नियुक्ति न होने पर भी सफाई कर्मचारियों ने रोष जताया। साथ ही राजधानी में एक भवन दिए जाने की मांग भी की।
मंत्री बंशीधर ने सफाई कर्मियों के स्थायी सृजित पदों को यथावत रखने या उन्हें मृत नहीं मानने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव ने बताया कि विभाग सफाई कर्मचारियों का बीमा एक कारपस फंड के माध्यम से करने जा रहा है। मंत्री ने बिना कोई अंशदान काटे दो लाख रुपये बीमा देने का आश्वासन दिया। सफाई कर्मचारियों के आवासों का मालिकाना हक दिए जाने के लिए निदेशक विनोद सुमन की अध्यक्षता में दो सफाई कर्मियों के प्रतिनिधि शामिल कर समिति गठित की। समिति को दो महीने में इस विषय पर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री ने पर्यावरण पर्यवेक्षक पदों के लिए पूर्व में लागू व्यवस्था के अनुसार अनुभव के आधार पर पदोन्नति को ही यथावत रखने को कहा। उन्होंने आश्रितों को नियुक्ति देने एवं इसके नियमों में शिथलीकरण का प्रस्ताव कैबिनेट में पेश करने का आश्वासन दिया। साथ ही सफाई कर्मचारियों की यूनियन के लिए एक भवन देने के निर्देश भी दिए। बैठक में शहरी विकास सचिव शैलेश बगोली, निदेशक विनोद सुमन, राज्य सफाई कर्मचारी आयोग उपाध्यक्ष अजय राजौर, उत्तरांचल स्वच्छकार कर्मचारी संघ हल्द्वानी के प्रदेश अध्यक्ष राम अवतार राजौर, उत्तरांचल स्वच्छकार कर्मचारी संघ प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील राजौर, अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र तेश्वर समेत अन्य लोग मौजूद रहे।












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