उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की अधिकारियों को हिदायत, लापरवाह अफसर सुधर जाएं, बख्शे नहीं जाएंगे
देहरादून, जुलाई 12। पुष्कर सिंह धामी ने पिछले ही हफ्ते ही उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद्भार संभाला है। अमूमन होता यह है कि जब किसी मुख्यमंत्री को अपदस्थ कर दूसरे मुख्यमंत्री की ताजपोशी होती है, तो न चाहते हुए टीस और कड़वाहट की गुंजाइश रहती है। धामी राजनीतिक लिहाज से जवां मुख्यमंत्री जरूर हैं, मगर उनकी परिपक्व सोच दो दिन बाद ही सार्वजनिक हो गई।

हुआ यह कि धामी के शपथ ग्रहण के वक्त कार्यवाहक मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत जब समारोह स्थल पर पहुंचे तो कई नौकरशाह ने कुर्सी से उठकर उन्हें सम्मान देने की जहमत तक नहीं उठाई। अब रवायत यही है कि जाते हुए को कौन सलाम ठोके, मगर धामी भांप गए। मौके की नजाकत थी, तो खामोश रहे, मगर दो दिन बाद ही दिल की बात जबां पर आ गई। बोले, मैंने शपथ ग्रहण से पहले अफसरों की इस बात को नोटिस किया, ऐसे अफसर सुधर जाएं, माफ नहीं करूंगा।
हरदा, यानी हरीश रावत, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव। पुरानी पीढ़ी की तरह रणनीतिक कौशल में माहिर और आज के नेताओं की तरह इंटरनेट मीडिया के इस्तेमाल में भी अव्वल। उन्होंने एक पोस्ट की केंद्रीय मंत्रिमंडल से हरिद्वार के सांसद रमेश पोखरियाल निशंक के इस्तीफे पर। हरदा ने लिखा, 'राजनीति में पद आते हैं, छिनते भी हैं, मगर यह पद छिन जाना गहरी व्यथा दे गया। एकदम सामान्य घर से निकल देश के मानव संसाधन मंत्री बने, यह एक बड़ी उपलब्धि थी। हम राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं, मगर जब सामूहिक गौरव की बात आती है, तो राजनीतिक राग-द्वेष गौण हो जाता है। जब इस्तीफे का समाचार आया, मुझे लगा किसी ने मुझसे कुछ छीन लिया।' हालांकि वह बताना नहीं भूले कि निशंक ने उन्हें हरिद्वार से बेदखल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी, मगर फिर भी हरदा के इस अंदाज ने सबको एक बार फिर उनका कायल बना दिया।
दिल्ली की सल्तनत पर काबिज होने के बाद आम आदमी पार्टी ने पंजाब का किला फतह करने के मंसूबे बांधे। हसरत पूरी न हुई तो अब उत्तराखंड पर नजर है। मुफ्त की बिजली-पानी के फार्मूले को दोहराने की रणनीति तय की, मगर एन मौके पर मंशा पर बिजली गिर पड़ी। उत्तराखंड के नए नवेले ऊर्जा मंत्री हरक सिंह रावत ने ऐलान कर डाला कि सूबे की भाजपा सरकार अगले ही महीने से 100 यूनिट खर्चने वालों को फ्री बिजली देगी, 200 यूनिट तक बिल वालों को 50 फीसद रियायत। करंट तो लगना ही था, तो आनन-फानन आप ने इसी मुद्दे पर मुख्यमंत्री आवास घेरने का कार्यक्रम आयोजित कर डाला।












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