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प्रवासी मजदूरों की आर्थिक मदद करने वाला नंबर वन राज्‍य है यूपी

लखनऊ। वैश्‍विक महामारी कोविड-19 के प्रकोप के कारण साल 2020 विश्‍व के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। कोरोना काल में विश्‍व भर में चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष खाका तैयार किया गया। पूरे विश्‍व को महामारी और लॉकडाउन के कारण आर्थिक व भावनात्‍मक तौर पर प्रभावित किया। सर्वाधिक जनसंख्‍या वाले यूपी ने मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के प्रभावी निर्णयों के कारण प्रदेश में संक्रमण को नियंत्रित करने में सफल रहा है। सरकार ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रखते हुए विकास और जनकल्‍याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से प्रदेश में संचालित किया है। जिसका ही परिणाम है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण की चेन टूटती रही और रोजगार के साथ-साथ विकास की कड़‍ियां जुड़ती रहीं। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी जी के संकल्‍प 'जान भी जहान भी' को सरकार ने प्रदेश में कोरोना काल के दौरान शत प्रतिशत पूरा किया है।

up is the number one state to help migrant laborers

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    कोरोना काल के दौरान प्रदेश के श्रमिकों व कामगारों, ठेला, खोमचा, रेहड़ी लगाने वाले या दैनिक कार्य करने वाले सभी लोगों के भरण-पोषण की व्‍यवस्‍था को सुनिश्‍चित किया। इसके साथ ही निर्माण श्रमिकों को भी भरण-पोषण भत्ता देने का कार्य किया गया है। सरकार ने कोरोना संक्रमण के दौरान प्रवासी कामगारों व श्रमिकों को सभी तरह की सुविधाएं पहुंचाई। जिसके तहत परिवहन निगम की बसों के जरिए लगभग 40 लाख प्रवासी कामगरों व श्रमिकों को उनके गृह जनपदों तक भेजने, चिकित्‍सकीय सुविधाएं उपलब्‍ध कराने व उनको स्‍थानीय स्‍तर पर रोजगार दिलाने के लिए बड़े पैमाने पर व्‍यवस्‍था की गई। योगी सरकार के कुशल नेतृत्‍व की प्रशंसा हार्वर्ड विश्‍वविद्यालय ने भी की। अध्‍ययन में प्रवासी मजदूरों के मानवीय संकट को भी उजागर किया गया। जो इस बात पर केन्द्रित है कि लगभग एक सदी में सबसे खराब स्‍वास्‍थ्‍य संकट के बीच यूपी ने प्रवासी संकट को कितनी कुशलता से संभाला है। योगी सरकार ने बहुउद्देशीय दिशा में कार्य करते हुए प्रदेश में परिवहन सुविधाओं को प्रदान करने, राशन किट वितरित करने और प्रकोप की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य केंद्र को बिना रूकावट संचालित किया।

    1,51,82,67,000 रुपये 15.18 लाख प्रवासियों को किए गए हस्तांतरित

    योगी सरकार ने कोरोना संक्रमण के दौरान प्रवासी कामगारों व श्रमिकों को सभी तरह की सुविधाएं पहुंचाई। जिसके तहत परिवहन निगम की बसों के जरिए लगभग 40 लाख प्रवासी कामगरों व श्रमिकों को उनके गृह जनपदों तक भेजने, चिकित्‍सकीय सुविधाएं उपलब्‍ध कराने व उनको स्‍थानीय स्‍तर पर रोजगार दिलाने के लिए बड़े पैमाने पर व्‍यवस्‍था की गई। इसके साथ ही प्रवासी श्रमिकों को राशन किट वितरण के साथ ही आर्थिक सहायता देते हुए प्रति श्रमिक एक हजार रुपए की धनराशि भी ऑनलाइन माध्‍यम से दी। इन लाभों में से 20.67 लाख परिवारों ने लाभ उठाया, जिसमें से 16.35 लाख को 15-दिवसीय राशन किट प्रदान किया गया। कुल 1,51,82,67,000 रुपये 15.18 लाख प्रवासियों को हस्तांतरित किए गए हैं। राशन किट के अलावा योगी सरकार ने सामुदायिक रसोई की भी स्थापना की।

    श्रमिक ट्रेनों के जरिए 21 लाख प्रवासी राज्‍य में आए वापस

    सरकार ने भारतीय रेलवे के साथ समन्‍वय स्‍थापित करते हुए सहयोग किया। जिसके परिणामस्‍वरूप 1604 ट्रेनों की व्‍यवस्‍था की और सरकार द्वारा श्रमिक ट्रेनों के जरिए 21 लाख प्रवासियों को राज्‍य में वापस लाया गया। इसके अलावा, सरकार ने मार्च 2020 में 60,525 प्रवासी मजदूरों को बसें उपलब्ध कराने का भी बीड़ा उठाया। वास्तव में, राज्य सरकार 28 मार्च, 2020 को सीमाओं को सील करने के 24 घंटे के भीतर दिल्ली से हजारों प्रवासी श्रमिकों को वापस लाने में कामयाब रही।

    छात्र-छात्राओं को सकुशल उनके गृह जनपद तक पहुंचाया

    राजस्‍थान के जनपद कोटा और प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे 26 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को सकुशल उनके गृह जनपद तक पहुंचाने का कार्य भी सरकार ने किया। हार्वर्ड की रिपोर्ट ने योगी सरकार के मॉडल की तारिफ करते हुए कहा गया कि प्रवासियों की आर्थिक सहायता के संग एक संयुक्‍त तंत्र के जरिए उनके परिवारों के भरण पोषण कौशल व्‍यवस्‍था और अन्‍य रसद के साथ रोजगार का ध्‍यान।

    90,000 से अधिक स्क्रीनिंग टीमों का किया गया गठन

    योगी सरकार ने प्रकोप की रोकथाम के लिए तीन-चरणीय दृष्टिकोण का पालन किया। थर्मल स्क्रीनिंग, संगरोध और अलगाव। स्वास्थ्य विभाग ने प्रवासियों और अन्य व्यक्तियों, उनके रिश्तेदारों और परिचितों की स्क्रीनिंग के लिए 90,000 से अधिक स्क्रीनिंग टीमों का गठन किया। सरकार ने नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार 18140 संगरोध सुविधाएं भी स्थापित की और कुल 15.15 लाख प्रवासियों को अलग-अलग समय पर अलग-अलग बिंदुओं पर चुना गया।

    सरकार ने राज्य में त्रिस्तरीय प्रणाली पर किया कार्य

    कोरोना के सकारात्‍मक व संदिग्ध मामलों से निपटने के लिए सरकार ने राज्य में त्रिस्तरीय प्रणाली (एल वन, एल टू और एल थ्री) तैयार की। जून 23 साल 2020 तक कुल 403 एल वन अस्पताल, 75 एल टू अस्पताल और 25 एल थ्री अस्पताल राज्य में पूरी तरह से स्थापित हो चुके थे। योगी सरकार ने न केवल उपर्युक्त उपाय किए हैं बल्कि मौजूदा योजनाओं का उपयोग करके घर के करीब प्रवासियों के लिए आर्थिक अवसरों के निर्माण के साथ-साथ नए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करके दीर्घकालिक योजनाएं भी बनाई हैं।

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