दिल्ली सरकार की अनूठी पहल, राशन कार्ड होल्डर बना सकेंगे नॉमिनी, बस करना होगा ये आसान काम
नई दिल्ली, 31 अगस्त। कोरोना संक्रमण के दौरान एक तरफ तो दिल्ली सरकार बगैर राशन कार्ड वालों को राशन मुहैया कराने की कोशिश में जुटी हुई है। वहीं, अब ऐसे लोगों को भी आसानी से राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है जो बुजुर्ग, कुष्ठ रोगी और बच्चे आदि राशन की दुकानों पर जाने में सक्षम नहीं हैं। दिल्ली सरकार ने इस तरह के राशन कार्ड होल्डर की मदद करने के लिए अनूठे तरीके की व्यवस्था की है। सरकार की ओर से एक फॉर्म तैयार किया गया है जिसमें राशन कार्ड धारी द्वारा नॉमिनी बनाया जा सकता है।

दिल्ली सरकार की ओर से जारी किये आदेशों में साफ और स्पष्ट किया गया है कि राजधानी में ऐसे बुजुर्ग, कुष्ठ रोगी और बच्चों को अब राशन उपलब्ध कराने के लिये सहुलियत दी जाएगी। दिल्ली के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से आदेश जारी कर कहा है कि अब यह सभी राशनकार्ड होल्डर जोकि राशन की उचित दर दुकान से राशन लेकर आने में सक्षम नहीं हैं, उनके लिये नॉमिनी बनाने का फैसला किया है। विभाग ने कहा है कि जो राशनकार्ड होल्डर दुकान पर राशन लेकर आने में सक्षम नहीं है, वह अपना नॉमिनी का चयन कर सकते हैं। इसके लिये विभाग की ओर से जारी किये गये फॉर्म को भरकर जमा करना होगा।
बताते चलें कि दिल्ली सरकार की ओर से राशन लेने के लिये अब ई-पोओएस यानी इलेक्ट्रानिक प्वाइंट ऑफ सेल सिस्टम को लागू किया हुआ है। इसके अंतर्गत राशन लाभार्थी को अंगूठे या फिर आंखों की पुतली (आइरिश) के जरिये वेरिफाई कराने के बाद ही राशन दिया जाता है। लेकिन दिल्ली में ऐसे बहुत से राशन कार्ड होल्डर हैं जो ईपोओएस (EPOS) पर जाने में सक्षम नहीं हैं। इन सभी की परेशानियों को देखते हुये सरकार ने इस संबंध में नॉमिनी बनाने का फैसला किया है।
इस बीच देखा जाए तो केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में व्यवस्था लागू करने के लिये गत 1 फरवरी, 2018 को एक आदेश भी जारी किया था। इस आदेश पत्र के जरिये राज्यों को निर्देश दिये गये थे कि वह इस तरह की व्यवस्था लागू कर अक्षम लोगों को राशन मुहैया कराने की दिशा में काम करें। अब दिल्ली सरकार की ओर से इस दिशा में आदेश जारी कर नॉमिनी बनाने की व्यवस्था का फैसला किया है।
क्या-क्या आ रही थी समस्या
बताया जाता है कि ऐसे लाभार्थियों के सामने आने वाली परेशानियों का समाधान करने के लिये कहा था कि जो व्यक्तिगत रूप से राशन की दुकानों पर जाने में सक्षम नहीं हैं या फिर जिनका बॉयोमेट्रिक व आईरिशन वैरिफाई ईपोओएस डिवाइस से नहीं हो पा रहा है। उनके लिये नई व्यवस्था करें।
इसके लिये अब नियमानुसार एक नॉमिनी नियुक्त करने के लिये कहा गया है जिससे कि उनकी जगह पर उनका राशन हर माह नॉमिनी की ओर से राशन की दुकान से लिया जा सकेगा। इसके लिये परिवार के सदस्य की सदस्यता की बाध्यता भी निर्धारित की गई है। नॉमिनी बनाने के लिये लाभार्थी या उसके परिवार के कुल सदस्यों की अधिकतम संख्या 4 निर्धारित की गई है।
कौन-कौन हो सकता है इस सुविधा का पात्र
- विभाग की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक परिवार के सभी सदस्यो की आयु 65 साल से अधिक या फिर 16 साल से कम होनी चाहिए और वो राशन की दुकान पर जाने में सक्षम नहीं हों।
- कार्डहोल्डर के परिवार के सभी सदस्य कुष्ठ रोगी हैं या फिर दिव्यांग, बिस्तर पर बीमार या चलने फिरने में परेशानी और बॉयोमेट्रिक क्रेंडेंशियल पर प्रतिकूल प्रभाव डालने की स्थिति में।
- परिवार के वे सभी सदस्य जिनके ईपोओएस डिवाइस पर बॉयोमेट्रिक वैरिफाई कराने में लगातार समस्या आ रही हो।
नॉमिनी बनने के लिये ये होनी चाहिए पात्रता
- विभाग की ओर से जारी आदेश में नॉमिनी बनाने के लिये कहा है कि नामांकित व्यक्ति एनएफएस लाभार्थी होना जरूरी है।
- लाभार्थी और नामांकित व्यक्ति का एक ही राशन की दुकान पर राशनकार्ड का जुड़ा होना जरूरी है।
- नामांकित व्यक्ति एक से अधिक परिवार या लाभार्थी के लिये नामांकित नहीं हो सकता।
- एफपीएस लाईसेंसधारी या एफपीएस लाईसेंसधारी के परिवार के किसी अन्य सदस्य को नामित नहीं कर सकते।
- वह बॉयोमेट्रिक वैरिफिकेशन के जरिये ही राशन ले सकते हैं।
इन डॉक्यूमेंट्स के आधार पर ही बन सकेंगे नॉमिनी
- नॉमिनी बनने के लिये लाभार्थी को अपने राशन कार्ड की प्रति को पेश करना जरूरी होगा।
- राशन कार्ड की कॉपी के अलावा नॉमिनी का आधार कार्ड भी अनिवार्य है, उसकी प्रति भी जमा करानी होगी।
ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीके से कर सकते हैं नॉमिनी बनने की दावेदारी
विभाग की ओर से लाभार्थी को नामांकन फॉर्म भरने की ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके की सुविधा दी गई है। लाभार्थी अपनी सुविधा के मुताबिक इन दोनों माध्यम में से कोई भी एक माध्यम चुनकर नॉमिनी बनाने के लिये फार्म अप्लाई कर सकता है।
ऑफलाइन के जरिये फार्म जमा कराने वाले लाभार्थियों को अपने सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ संबंधित सर्किल ऑफिस जाना होगा। इन सभी दस्तावेजों का वैरिफिकेशन संबंधित खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी की ओर से फिजिकली रूप से किया जाएगा। एफएसओ की रिपोर्ट सबमिट होने के बाद ही लाभार्थी के लिये इस तरह की सुविधा शुरू की जा सकेगी।
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