World Wushu Championship: वुशु की ‘शेरनी’ शिवानी ने रजत पदक पर जमाया कब्जा, कांस्टेबल से बनीं हेड कांस्टेबल
World Wushu Championship 2025: सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की कांस्टेबल शिवानी ने विश्व वुशु चैंपियनशिप 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि के सम्मान में उन्हें हेड कांस्टेबल के पद पर बिना बारी की विशेष पदोन्नति दी गई है। यह ऐतिहासिक समारोह बीएसएफ के छावला कैंप में आयोजित किया गया, जिसमें बीएसएफ के महानिदेशक श्री दलजीत सिंह चौधरी ने स्वयं शिवानी को यह सम्मान प्रदान किया।
शिवानी ने केवल पांच महीनों की सेवा में यह असाधारण उपलब्धि हासिल की है, जो बीएसएफ के इतिहास में एक मील का पत्थर है। इस विशेष पदोन्नति के लिए भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) से आवश्यक अनुमति और छूट प्राप्त की गई थी। इस अवसर पर बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी, खेल कर्मी और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने शिवानी की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।

विश्व वुशु चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन
शिवानी ने ब्राजील में आयोजित 17वीं विश्व वुशु चैंपियनशिप 2025 में भारत का प्रतिनिधित्व किया और रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। वुशु, एक पारंपरिक चीनी मार्शल आर्ट, अपनी जटिल तकनीकों और शारीरिक दक्षता के लिए जाना जाता है। इस प्रतियोगिता में दुनिया भर के शीर्ष खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला था, लेकिन शिवानी ने अपनी मेहनत, समर्पण और कौशल से सभी को प्रभावित किया। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल बीएसएफ बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है।
पदोन्नति समारोह में महानिदेशक की प्रेरक टिप्पणी
पदोन्नति समारोह के दौरान बीएसएफ महानिदेशक श्री दलजीत सिंह चौधरी ने शिवानी को बधाई देते हुए कहा, "शिवानी की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण और कठिन परिश्रम का प्रमाण है, बल्कि यह बीएसएफ के अन्य कर्मियों के लिए भी एक प्रेरणा है। उनकी इस आउट-ऑफ-टर्न पदोन्नति से यह संदेश जाता है कि कठिन मेहनत और उत्कृष्टता का हमेशा सम्मान किया जाता है।" उन्होंने बीएसएफ के अन्य खिलाड़ियों से भी शिवानी के इस समर्पण से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
बीएसएफ में खेलों को बढ़ावा देने की परंपरा
बीएसएफ ने हमेशा खेलों को प्रोत्साहन दिया है और अपने कर्मियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया है। इससे पहले जुलाई 2025 में बीएसएफ सेंट्रल वुशू टीम के कांस्टेबल अनुज को भी अप्रैल 2025 में चीन में आयोजित 10वीं सांडा विश्व वुशू चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन के लिए बिना बारी की पदोन्नति दी गई थी। यह दर्शाता है कि बीएसएफ अपने कर्मियों की खेल उपलब्धियों को कितना महत्व देता है।
शिवानी: एक प्रेरणा का प्रतीक
शिवानी की यह उपलब्धि न केवल खेल जगत में बल्कि समाज के हर क्षेत्र में युवाओं, विशेष रूप से महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने साबित किया है कि मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। शिवानी ने अपने इस सफर में कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन उनकी लगन और बीएसएफ के समर्थन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।
वुशु और बीएसएफ का योगदान
वुशु एक ऐसा खेल है जो शारीरिक और मानसिक शक्ति का अनूठा संगम है। बीएसएफ ने इस खेल को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संगठन के प्रशिक्षण केंद्रों में खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं और प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप बीएसएफ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
आगे की राह
शिवानी की यह उपलब्धि और पदोन्नति बीएसएफ के अन्य कर्मियों के लिए एक मिसाल है। यह उन युवाओं को भी प्रेरित करेगी जो खेलों में करियर बनाना चाहते हैं। बीएसएफ के महानिदेशक ने आशा व्यक्त की कि शिवानी भविष्य में भी इसी तरह देश का नाम रोशन करती रहेंगी। संगठन ने यह भी वादा किया है कि वह अपने कर्मियों को खेलों में और अधिक अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
शिवानी की इस उपलब्धि ने न केवल बीएसएफ बल्कि पूरे देश को गर्व का एक नया अवसर दिया है। उनकी कहानी यह सिखाती है कि कठिन परिश्रम और समर्पण के साथ हर सपना हकीकत में बदला जा सकता है।
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