हरियाणा सरकार ने शुरू की संजीवनी परियोजना, कोविड से लड़ने के लिए बहुराष्ट्रीय कंपनी से मिलाया हाथ
चंडीगढ़। कोविड-19 बीमारी से लड़ने के लिए हरियाणा सरकार ने वर्चुअल मेडिकल केयर सेवाओं पर जोर देना शुरू किया है। इसके लिए राज्य सरकार ने बहुराष्ट्रीय कंपनी डेलॉयट से हाथ मिलाया है। दोनों ने आज 'संजीवनी परियोजना' की शुरुआत की। इसके तहत कोविड-19 के हल्के से मध्यम लक्षणों के उपचार के लिए स्वास्थ्य सेवा की शीघ्र उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।

संजीवनी परियोजना को डेलॉयट पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया एवं पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साईंसेस - हरियाणा द्वारा डिज़ाईन तथा सपोर्ट किया गया है। बताया जा रहा है कि यह कार्यक्रम जरूरतमंद लोगों को उनकी जरूरत के समय एवं स्थान पर जरूरी मेडिकल केयर प्रदान करने में एक बहुत महत्वपूर्ण कदम है। यह पायलट प्रोजेक्ट जल्द ही करनाल जिले में शुरू होगा और उसके बाद तेजी से इसे अन्य प्रभावित इलाकों में शुरू किया जाएगा।
डेलॉयट के ग्लोबल सीईओ, पुनीत रंजन का कहना है कि यह सहयोग उन लोगों को मदद प्रदान करके 'मेडिकल वार्ड का विस्तार' करेगा, जो घर पर ठीक हो सकते हैं। इससे बड़े अस्पतालों की क्षमता का इस्तेमाल गंभीर रूप से बीमार मरीजों का इलाज करने के लिए हो सकेगा। यह दृष्टिकोण 'उद्देश्य के लिए उपयुक्त' डिज़ाईन किया गया था और इससे एक ऐसा मॉडल मिलेगा, जो क्षेत्र में और उसके आस पास महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संसाधनों की उपलब्धता एवं विस्तृत स्वास्थ्य संभव बनाएगा।
'संजीवनी परियोजना' ग्रामीण इलाकों में भी मेडिकल केयर का विस्तार करेगी। उन इलाकों में, जहां वायरस की दूसरी लहर और इसके इलाज के बारे में जागरुकता कम है, ज्यादा जोर दिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि सही प्रक्रियाओं एवं देखभाल के साथ लगभग 90 फीसदी मरीजों के लिए घर पर इलाज में सहयोग करना संभव है।












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