पीएम मोदी के लिए संपत्ति की तरह है राहुल गांधी, कांग्रेस खत्म हो चुकी है- AAP नेता राघव चड्ढा
आम आदमी पार्टी के विधायक और प्रवक्ता राघव चड्ढा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबसे बड़ी संपत्ति' बता दिया।
नई दिल्ली, 29 जुलाई। जहां एक तरफ भारतीय जनता पार्टी को मात देने के लिए विपक्षी पार्टियां साथ आने की कोशिश कर रही हैं। वहीं विपक्ष इस मामले में भी बंटता दिखाई दे रहा है। आम आदमी पार्टी को अभी तक विपक्षी दलों के साझा गठबंधन के अभिन्न अंग के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन आम आदमी ने पार्टी कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधकर भाजपा के खिलाफ खड़े हो रहे विपक्ष को करारा झटका दिया।

आम आदमी पार्टी ने जोर देकर कहा है कि कांग्रेस पार्टी को राष्ट्रीय राजनीति में विपक्ष के मुखिया के रूप में अपना पद छोड़ देना चाहिए। रिपब्लिक मीडिया के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी से डिबेट में बात करते हुए आम आदमी पार्टी के विधायक और प्रवक्ता राघव चड्ढा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबसे बड़ी संपत्ति' बता दिया।
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दिल्ली जल बोर्ड के प्रमुख युवा नेता ने अपने बयाने में कहा कि पीएम मोदी के लिए राहुल गांधी को हराना दिल्ली में अरविंद केजरीवाल या पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को हराने से कहीं ज्यादा आसान है। राघव चड्ढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रणनीति को समझाते हुए बताया कि वह कांग्रेस पार्टी से एक कमजोर दावेदार को चुनते हैं और उसे भारतीय जनता पार्टी के प्रतिद्वंद्वी के रूप में पेश करते हैं और फिर उसे हरा देते हैं।
राष्ट्रीय राजनीति पिछले काफी सालों से इसी तरह काम कर रही है। राघव चड्ढा ने कहा कि अगर आपको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देनी है तो आपको एक मजबूत संगठन तथा अधिक विश्वसनीय चेहरे की जरूरत है। राघव चड्ढा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पुरानी हो चुकी है और उसका समय समाप्त हो गया है। अगर आपको बीजेपी को चुनौती देनी है तो एक दमदार संगठन और नए जोश वाले नेताओं को आगे आना पड़ेगा।
बता दें कि पिछले कुछ समय से तीसरे मोर्चे के गठन को लेकर चर्चा चल रही है। इसे लेकर विपक्षी दलों के नेता समय-समय पर मिलते रहते हैं। पिछले महीने एनसीपी नेता शरद पवार के घर पर राष्ट्र मंच की एक बैठक हुई थी, इसमें मोदी विरोधी नेताओं का एक बड़ा समूह शामिल हुआ था। हालांकि बैठक के बाद नेताओं का कहना था कि यह 'तीसरे मोर्चे' के गठन के लिए नहीं, बल्कि अलग मुद्दे को लेकर थी। इस बैठक के एक महीने बाद तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी पांच दिवसीय दौरे पर राजधानी दिल्ली के दौरे पर आई हैं। इसके बाद एक बार फिर तीसरे मोर्चे के गठन की चर्चा तेज हो गई है। अपनी यात्रा के तीसरे दिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सुप्रिमो सोनिया गांधी और आप के मुखिया अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की है।












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