केरल उच्च न्यायालय ने वित्तीय लेन-देन की प्रवर्तन निदेशालय जांच के खिलाफ सीएमआरएल की अपील खारिज कर दी।
कोचिन मिनरल्स एंड रटाइल लिमिटेड (CMRL) की प्रवर्तन निदेशालय (ED) जाँच के खिलाफ अपील को केरल उच्च न्यायालय द्वारा खारिज करने के फैसले का कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) दोनों ने स्वागत किया है। यह जाँच पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी वीना टी. के साथ CMRL के वित्तीय लेन-देन से संबंधित है। इन लेन-देन से भ्रष्टाचार के आरोप जुड़े हुए हैं।

कांग्रेस विधायक मैथ्यू कुझलनादन और भाजपा नेता शोन जॉर्ज ने इस मामले में आगे की जाँच का आह्वान किया है। जॉर्ज की शिकायत पर ही गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) ने CMRL की वित्तीय गतिविधियों की जाँच शुरू की थी। इसके बाद ED ने वीना के साथ कंपनी के लेन-देन के संबंध में एक मनी लॉन्ड्रिंग जाँच शुरू की।
भाजपा नेता शोन जॉर्ज ने आरोप लगाया कि वीना की फर्म को किए गए भुगतान पूर्व मुख्यमंत्री को रिश्वत के तौर पर दिए गए थे। कुझलनादन, जिन्होंने वीना की अब बंद हो चुकी फर्म एक्सलॉजिक (Exalogic) द्वारा बिना सेवा दिए CMRL से पैसे प्राप्त करने के बारे में चिंता जताई थी, उन्होंने अदालत के फैसले पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने सुझाव दिया कि एक विस्तृत भ्रष्टाचार जाँच में विजयन भी फंस सकते हैं।
केरल उच्च न्यायालय ने एकल-न्यायाधीश के उस फैसले के खिलाफ CMRL की अपील को खारिज कर दिया, जिसमें ED को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत अपनी मनी लॉन्ड्रिंग जाँच जारी रखने की अनुमति दी गई थी। यह फैसला SFIO द्वारा औपचारिक प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) या अंतिम रिपोर्ट दायर करने से पहले ही लिया गया था।
घटनाक्रम
26 मई को एकल-न्यायाधीश के आदेश ने ED को अपनी जाँच जारी रखने की अनुमति दी थी। इसके बाद, 27 मई को ED ने विजयन और मामले से जुड़े अन्य लोगों के आवासों पर तलाशी ली। यह जाँच जनवरी 2019 में CMRL के कार्यालयों और वरिष्ठ अधिकारियों के आवासों पर आयकर विभाग द्वारा की गई तलाशी से उत्पन्न हुई है।
फिलहाल, पिनराई विजयन ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। चल रही जाँच राजनीतिक दलों और आम जनता दोनों का ध्यान आकर्षित कर रही है, क्योंकि वे इस हाई-प्रोफाइल मामले में आगे के विकास की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
With inputs from PTI












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