85 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद कर 15598 करोड़ रुपए भेजे सीधे किसानों के खाते में: डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला
चंडीगढ़. हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि एक जून 2021 से प्रदेश में सूरजमुखी की सरकारी खरीद शुरू की जाएगी, इसके लिए 7 मंडियां निर्धारित की गई हैं। अब तक 8283 किसानों ने अपनी सूरजमुखी की फसल बेचने के लिए पोर्टल पर पंजीकरण किया है, किसानों को अपनी फसल पंजीकृत करवाने के लिए जल्द ही एक दिन और पोर्टल खोला जाएगा।

डिप्टी सीएम, जिनके पास खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का प्रभार भी है, ने आज यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि हालांकि सरकार ने सूरजमुखी के लिए 5885 रूपए प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया है, परंतु खुशी की बात है कि किसानों को अपनी फसल का खुले बाजार में ज्यादा मूल्य मिल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी किसानों को सूरजमुखी की बेहतर कीमत मिलेगी। केंद्र सरकार ने भी 25 हजार क्विंटल की सरकारी खरीद करने की स्वीकृति दे दी है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस बार एक अप्रैल 2021 से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हुई थी और अब तक कुल 85 लाख 30 हजार मिट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। खास बात यह रही कि इस बार रिकार्ड कम समय में 82 लाख 10 हजार मिट्रिक टन गेहूं का उठान करवा दिया है जिससे किसानों का भी आंधी-बारिश से नुकसान नहीं हुआ। गेहूं का समय पर उठान न होने के कारण पहले के समय में बारिश के कारण किसान व सरकार को कई बार नुकसान उठाना पड़ा है।
दुष्यंत चौटाला ने बताया कि पहली बार गेहूं की फसल की बिक्री के बाद 15598 करोड़ रूपए सीधा किसानों के बैंक खाते में भेजे गए हैं। देश में पहली बार हरियाणा सरकार ने प्रावधान किया कि किसी किसान की पेमैंट देने में देरी हुई तो किसान को 9 प्रतिशत ब्याज भी किसान को अदा किया गया है। प्रदेश के ऐसे किसानों को करीब 77 लाख रूपए अतिरिक्त ब्याज के तौर पर दिए गए हैं।
उन्होंने सरसों की फसल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पिछली बार 7 लाख मिट्रिक टन से अधिक सरसों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की गई थी, जबकि इस बार सरसों का एमएसपी बढ़ कर 4650 रूपए प्रति क्विंटल हो गया है। सरकार को एमएसपी पर सरसों का एक भी दाना नहीं खरीदना पड़ा, क्योंकि किसानों को बाजार में 7275 रूपए प्रति क्विंटल का भाव मिल गया है।












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