केजरीवाल सरकार ने बताया दिल्ली से पलायन रोकने का प्लान, मजदूरों को देंगे 5-5 हजार रु
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना लॉकडाउन लागू होने के चलते अन्य राज्यों के लाखों लोग पलायन कर रहे हैं। इस पर दिल्ली की सरकार ने हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर पलायन रोकने का प्लान बताया। केजरीवाल सरकार ने कहा कि, हमारी सरकार प्रवासी, दिहाड़ी और निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के रहने, खाने और उनकी अन्य जरूरतों को पूरा करेगी। मजदूरों को 5-5 हजार रु देने की बात कही। हाईकोर्ट को जानकारी देते हुए दिल्ली सरकार ने बताया कि प्रधान सचिव-गृह के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया है जो सभी प्रकार की व्यवस्थाएं देंखेंगे।

हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से लॉकडाउन के दौरान प्रवासी, दैनिक व निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों के लिए उचित कदम उठाने पर रिपोर्ट मांगी थी। सरकार ने पेश रिपोर्ट में कहा कि सरकार ने श्रमिकों की भलाई के लिए कई कदम उठाए है। सभी प्रकार की व्यवस्था देखने के लिए एक कमेटी का गठन किया है और प्रधान सचिव-गृह भूपिन्द्र सिंह भल्ला को इसका चेयरमैन बनाया गया है जो राज्य के नोडल अधिकारी रहेंगे।
वहीं, दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त राजेश खुराना दिल्ली पुलिस की और से नोडल अधिकारी होंगे। कमेटी में आयुक्त श्रम को सदस्य सचिव, प्रधान सचिव श्रम-सदस्य, शिक्षा निदेशक-सदस्य, विशेष सचिव वित-सदस्य, रिवेन्यू उपसचिव-सदस्य इत्यादि शामिल है।
एक सरकारी प्रतिनिधि के अनुसार श्रमिकों की बुनियादी सुविधाएं जैसे खाना, पानी, दवा, आश्रय, कपड़े इत्यादि की व्यवस्था के अलावा यह भी सुनिश्चित किया गया है कि निर्माण कार्य में लगे श्रमिको को कार्यस्थल पर ही खाने-पानी व अन्य सुविधाएं मिले। वित्त विभाग फंड की व्यवस्था करेगा। प्रतिनिधि ने कहा कि, मंगलवार को दिल्ली सरकार की ओर से हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल किया गया और कहा कि दिल्ली सरकार प्रवासी, दिहाड़ी और निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के रहने, खाने और उनकी अन्य जरूरतों को पूरा करेगी।












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