हरियाणा विलेज जनरल हेल्थ चेकअप स्कीम: घर-घर खांसी-बुखार के मरीजों की तलाश शुरू, आनलाइन रहेगा डाटा
पानीपत। राज्य सरकारी की हरियाणा विलेज जनरल हेल्थ चेकअप स्कीम (एचवीजीएचसीएस) के तहत स्वास्थ्य विभाग दोबारा से गांवों में दस्तक देकर खांसी-बुखार के मरीजों को तलाशना शुरू कर दिया है। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका से यह सर्वे शुरू किया गया है। मई 2021 में हुए सर्वे और इसमें इतना अंतर है कि हर मरीज का डाटा आनलाइन होगा।

नोडल अधिकारी डा. ललित वर्मा ने बताया कि सभी आशाओं को सरकार ने पहले से ही फोन और सिम कार्ड दिए हुए हैं। आशा वर्कर अपने एरिया के घरों में दस्तक देगी। मुखिया के नाम सहित परिवार के सदस्यों के नाम-आयु का डाटा एकत्र करेगी। कालांतर में कोई कोरोना पाजिटिव आया या फिर रिपोर्ट नेगेटिव लेकिन लक्षण कोविड जैसे थे, इसकी जानकारी लेगी।खांसी-बुखार के मरीजों को विलेज आइसोलेशन सेंटर (वीआइसी) में रेफर करेगी। वहां एएनएम जरूरत समझेगी तो रैपिड एंटीजन टेस्ट के लिए लिखेगी। तीसरी टीम मरीज का स्वाब सेंपल लेगी। रिपोर्ट नेगेटिव आने, लक्षण कोविड जैसे बने रहने पर मरीज का आरटीपीसीआर(रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमर्स चेन रिएक्शन) टेस्ट किया जाएगा। बता दें कि 80 से अधिक गांवों में विलेज आइसोलेशन सेंटर बनाए गए हैं।
सरकारी रिकॉर्ड: मई में 3779 बीमार
स्वास्थ्य विभाग ने मई 2021 में भी आफलाइन सर्वे किया था। 200 टीमों ने 92 हजार 699 घरों में दस्तक देकर 4.17 लाख 630 लोगों का स्वास्थ्य जांचा था। इनमें 3779 ग्रामीण बीमार मिले थे। रैपिड एंटीजन किट और आरटीपीसीआर टेस्ट में 117 कोरोना पाजिटिव भी मिले थे।

लोगों से अनुरोध: बीमारी छिपाएं नहीं, बताएं
डा. वर्मा ने जिलावासियों से अपील में कहा कि टीमों का सहयोग करें। बीमारी, खासकर कोरोना जैसे लक्षणों को बिल्कुल न छिपाएं। आपकी लापरवाही परिवार के अन्य सदस्यों के स्वास्थ्य के लिए खतरा, तीसरी लहर का कारण भी बन सकती है। सरकारी अस्पताल में सभी जांच और इलाज निश्शुल्क हैं।












Click it and Unblock the Notifications