खट्टर सरकार हरियाणा के पिंजौर में बनाएगी फिल्म सिटी, एचएमटी की जमीन का करेगी उपयोग
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार पिंजौर के एचएमटी में फिल्म सिटी बनाएगी। प्रारंभिक तौर पर एचएमटी की 50 से 60 एकड़ जमीन को फिल्म सिटी के लिए प्रयोग किया जाएगा। सरकार का मानना है कि फिल्म सिटी दो तरह की है, एक बॉलीवुड स्टाइल की और दूसरी रामोजी राव फिल्म सिटी जैसी, जिसमें जैपनिस गार्डन, इंटरटेनमेंट जोन हैं। सरकार प्रारंभिक तौर पर एचएमटी की जमीन का प्रयोग फिल्म सिटी के रूप में करेगी। फिल्म सिटी में डीआइपीआर से सलाह मशविरा कर मॉडल स्टूडियो विकसित किए जाएंगे। साथ ही इस क्षेत्र के विशेषज्ञों से भी सलाह ली जाएगी। सरकार ने इस संबंध में प्रारंभिक रिपोर्ट 31 मार्च तक देने के निर्देश दिए हैं।

फिल्म सिटी में उद्यान, स्टूडियो फ्लोर, अधिकृत सेट्स, डिजिटल फिल्म निर्माण की सुविधाएं, आउटडोर लोकेशन, उच्च-तकनीक से लैस प्रयोगशाला, तकनीकी सहायता सभी मौजूद रहेंगी। फिल्म की आधारभूत संरचना में कॉस्ट्यूम डिजाइन लोकेशन, मैकअप, सेट-निर्माण, तैयार साज-सज्जा, कैमरा, फिल्म निर्माण उपकरण, ऑडियो प्रोडक्शन, डिजिटल पोस्ट प्रोडक्शन और फिल्म प्रोसेसिग की व्यवस्था भी शामिल है। फिल्म सिटी में न सिर्फ देसी, बल्कि विदेशी फिल्म निर्माताओं को भी बुलाने की योजना है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में कुछ दिन पहले इंटीग्रेटेड प्लानिग कमेटी की बैठक हुई थी। जिसमें मुख्यमंत्री के अलावा हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता, मेयर कुलभूषण गोयल, मुख्यमंत्री के चीफ प्रिसिपल सेक्रेटरी डीएस ढेसी, चीफ सेक्रेटरी विजय वर्धन, एसीएस पीडब्ल्यूडी बीएंडआर अलोक निगम, वन विभाग के प्रिसिपल सेक्रेटरी जी अनुपमा सहित विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव, पंचकूला के डीसी मुकेश आहूजा भी मौजूद थे। जिसमें फिल्म सिटी के बारे में विस्तृत चर्चा हुई है।
रामोजी फिल्म सिटी की तरह निर्माण की है योजना
रामोजी फिल्म सिटी दुनिया का सबसे बड़ा फिल्म स्टूडियो परिसर माना जाता है। यह भारत के राज्य तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से 25 किलो मीटर दूर नलगोंडा मार्ग में स्थित है। इस स्टूडियो में 50 शूटिग फ्लोर हैं। इस स्टूडियो की शुरुआत 1996 में हुई थी। यहां एक साथ 15 से 25 फिल्मों की शूटिग की जा सकती है। आरएफसी में फिल्म की प्री-प्रोडक्शन से पोस्ट प्रोडक्शन तक की तमाम सुविधाएं एक जगह मौजूद हैं यानी फिल्म का आइडिया लेकर आइये और फिल्म कैन करके जाइये। फिल्म-निर्माण के अलावा रामोजी फिल्म सिटी एक प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र भी है, जहां हर साल दस लाख से भी ज्यादा लोग आते हैं। आरएफसी को मानव-निर्मित आश्चर्य की श्रेणी में भी रखा जा सकता है। हरियाणा सरकार भी चाहती है कि कुछ इसी तरह की फिल्म सिटी यहां पर भी बनाई जाए। ताकि लोगों के आकर्षण की नई जगह विकसित हो सके।
प्रदेश के पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
दरअसल सरकार की योजना पंचकूला में पर्यटन को बढ़ावा देने की है और कई ऐसी जगह हैं, जहां पर लोग अपना समय बिता सकते हैं। मोरनी और पिंजौर में कई टूरिस्ट पैलेस हैं। सरकार को लगता है कि फिल्म सिटी में हर साल लाखों पर्यटक आएंगे। फिल्म स्टूडियों इन पर्यटकों के लिए खास आकर्षण होंगे। इससे फिल्म सिटी को करोड़ों रुपये की आमदनी भी होगी। फिल्म सिटी तीन-सितारा होटल तारा और पंच सितारा होटलों की बुकिग पर भी काफी असर पड़ेगा। ये होटल पर्यटकों और फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों को आरामदेह ठहराव साबित होंगे। फिल्म सिटी के कोच पर पर्यटन गाइड भी रखे जाएंगे।
बंद पड़ी फैक्ट्री को होगा फायदा एचएमटी फैक्ट्री बंद होने के बाद सरकार यहां एक सेब मंडी स्थापित कर रही है। इसके अलावा एचएमटी कई एकड़ जमीन खाली पड़ी है। लगातार मांग उठ रही थी कि एचएमटी की जमीन पर रेलवे का कोई बड़ा प्रोजेक्ट लगाया जाए, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। अब फिल्म सिटी का निर्माण एचएमटी की जमीन पर होने के बाद यहां आसपास के एरिया की डेवलपमेंट एवं जमीनों के रेट आसमान छूने लगेंगे।












Click it and Unblock the Notifications