अस्पतालों में बेड-ऑक्सीजन की उपलब्धता पोर्टल पर होंगे अपडेट, हरियाणा सरकार ने दिए ऑडिट के आदेश
चंडीगढ़। हरियाणा में अब सभी सरकारी और निजी अस्पताल बेड, मरीजों की संख्या और ऑक्सीजन उपलब्धता आदि का डेटा निरंतर पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा। इसकी जानकारी हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने दी। उन्होंने कहा कि, अस्पतालों में ऑक्सीजन, बेड और दवाइयों आदि का ऑडिट करने का निर्देश भी दिया गया है।
जनसंपर्क एवं सूचना विभाग ने बताया कि,मनोहरलाल ने जिला उपायुक्तों के साथ राज्य में कोरोना की हालत व प्रबंधों की समीक्षा की है। उन्होंने सरकारी और निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों की संख्या बेड व ऑक्सीजन की उपलब्धता के बारे में जानकारी पोर्टल पर अपडेट करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही अस्पतालाें में ऑक्सीजन बेड और दवाइयों को लेकर ऑडिट भी होगा। बताया गया कि, मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने सभी जिला उपायुक्तों के साथ कोरोना नियंत्रण के संबध में तैयारियों की एक बैठक में समीक्षा की। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। मुख्यमंत्री ने बैठक में कोरोना वायरस की जिलों में संक्रमण की स्थिति और इलाज व अस्पतालों की हालत के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने जिला उपायुक्ताें को ऑक्सीजन और अस्पतालों में बेडों की स्थिति के बारे में निरंतर नजर बनाए रखने को कहा।

मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने कहा कि लोगों को अस्पतालों की स्थिति, सरकरी और निजी अस्पतालों मेे भर्ती मरीजाें की संख्या, बेडों व ऑक्सीजन की उपलब्धता के बारे में निरंतर जानकारी दी जानी जरूरी है। इसके लिए जानकारी पोर्टल पर अपडेट की जाएं। इसके साथ ही उन्होंने अस्पतालों में दवाइयाें, बेडों और ऑक्सीजन के बारे में ऑडिट करने का निर्देश दिया। मनोहरलाल ने कहा कि अधिकारी कोरोना के स्टेप डाउन मरीजों को संपूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ कोविड केयर सेंटर में शिफ्ट करने को प्राथमिकता दें। इसमें कोई लापरवाही या कोताही नहीं बरती जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने जिला उपायुक्तों से कहा कि, ऑक्सीजन आपूर्ति करने वाले टैंकर और ऑक्सीजन की मांग की निगरानी के लिए जिलों में टीमें गठित करें।
जिला उपायुक्त स्वयं ऑक्सीजन की मांग और आपूर्ति की निरंतर निगरानी करें। उन्होंने कहा कि जिला उपायुक्त ऑक्सीजन टैंकर की अनलोडिंग जल्द से जल्द सुनिश्चित करें। इसके साथ ही दवाइयों की कालाबाजारी रोकने के लिए भी जिला उपायुक्त टीमें गठित करें। उन्होंने कहा कि जिला उपायुक्त रैपिड एंटीजन टेस्ट पर जोर दें। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच कैंप लगाए जाएं और जागरूकता अभियान भी चलाए जाएं।












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