हरियाणा सरकार ने पानीपत के उद्यमियों दी बड़ी राहत, सिडबी वित्त सहायता उपलब्ध करवाएगी
चंडीगढ़। मनोहर लाल खट्टर की अगुवाई वाली हरियाणा सरकार ने पानीपत के उद्यमियों बड़ी राहत दी है। हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन (एचएसआइआइडीसी) में जिन उद्यमियों ने 2016 के बाद प्लॉट लिए हैं, उनपर लगने वाले कंस्ट्रक्शन सरचार्ज पर 50 पर्सेंट छूट देने के साथ ही एकमुश्त बकाया भरने पर 25 पर्सेंट छूट देने की मुख्यमंत्री ने घोषणा की है। 30 जून तक एकमुश्त भुगतान देना होगा। 2016 के बाद के प्लॉट अलाटी को नोन कंस्ट्रक्शन पर लगने वाले ब्याज पर 50 पर्सेंट और बकाया पर 25 पर्सेंट छूट मिलेगी। छह साल के अंदर हर प्लॉट अलाटी को अपना बकाया जमा करवाने होगा। इसके लिए सिडबी वित्त सहायता उपलब्ध करवाएगी।

बता दिया जाए कि, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उद्यमियों की बैठक बुलाई थी। उस बैठक में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला भी मौजूद थे। बैठक में हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स के पानीपत चैप्टर चैयरमैन विनोद खंडेलवाल, पूर्व वाइस चेयरमैन मोहन लाल गर्ग, इंडस्ट्रियल एसोसिएशन सेक्टर 29 के प्रधान श्रीभगवान अग्रवाल, पानीपत एक्सपोर्ट एसोसिएशन के महासचिव विभू पालीवाल शामिल हुए। उद्यमियों ने अपनी-अपनी समस्याएं सीएम के समक्ष रखी। हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा उठाई गई मांग पर मुख्य मंत्री ने होली के ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया का विकास कार्य करवाने के आश्वासन दिया। सेक्टर 25, सेक्टर 29 में पड़ी कॉमर्शियल जगह की नीलामी करने का आश्वासन दिया। इसके लिए पालिसी बनाई जा रही है।
उद्योग मंत्री दुष्यंत चौटाला ने रिफाइनरी रोड पर हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन (एचएसआइआइडीसी) की जमीन को सस्ती देने के मामले में कहा कि जमीन का भाव कम नहीं होगा। इसके लिए नई पालिसी बन रही है। समाधान कार्यक्रम शुरु करने की मांग पर उन्होंने अधिकारियों को योजना बनाकर इसे लागू करने के निर्देश दिए। वहीं, सेक्टर 29 इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रधान श्रीभगवान अग्रवाल, पानीपत एक्सपोर्ट एसोसिएशन के महासचिव विभू पालीवाल ने औद्योगिक सेक्टरों में एन्हांमेंट का मुद्दा उठाया।
उद्यमियों ने कहा कि, एसएचवीपी ने जो री-कैलकुलेशन की है, उसे लागू किया जाए। उद्यमी एन्हांसमेंट भरने के लिए तैयार हैं। लैंड डेवलप की जाए, विभिन्न विभागों और प्रशासन के मध्य तालमेल के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्त की जाए। एमएस कैटेगरी के बिजली कनेक्शन को 50 किलोवाट से बढ़ाकर 100 किलोवाट किया जाए। कामन ब्वायलर लगाया जाए। मेक इन इंडिया के तहत औद्योगिक विकास के लिए सरकार लीज पर फैक्टरी बनाकर दे। शहर के सभी पांच औद्योगिक सेक्टरों को हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन (एचएसआइआइडीसी) को सौंपा जाए। निर्यातक विभू पालीवाल ने बताया कि बैठक में आश्वासन मिला कि रिहायशी सेक्टरों पर लागू एन्हासमेंट का मामला निपटाया जा रहा है। 30 अप्रैल के बाद औद्योगिक सेक्टरों को निपटारा होगा।












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