गुजरात- दूरस्थ इलाकों में लोगों तक वैक्सीन की सूचनाएं पहुंचाने की ऑफलाइन व्यवस्था हो: डिप्टी CM नितिन पटेल
अहमदाबाद। लंबे समय से उठ रही कोरोनावायरस वैक्सीन की मांग को देखते हुए गुजरात सरकार ने केंद्र सरकार से राज्य के दूरस्थ स्थानों के लिए ऑफ़लाइन संचार प्रणाली की अनुमति देने के लिए कहा है। इस बारे में उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने राज्य सरकार की ओर से कोरोना वैक्सीन को लेकर केंद्र से अनुरोध किया। पटेल ने कहा कि, वे इलाके जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी एक मुद्दा है, वहां लोगों को टीकाकरण के बारे में ऑफलाइन व्यवस्था कराई जाए।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के साथ चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल बोले कि, 'गुजरात के सुदूरवर्ती और पहाड़ी इलाकों, जहां इन्टरनेट कनेक्टीविटी की समस्या होती है। ऐसी स्थिति में लोगों को वैक्सीन की जानकारी देने में दिक्कत होती है। इसके लिए ऑफलाइन की व्यवस्था होनी चाहिए।'' उपमुख्यमंत्री का कहना सही भी है, क्योंकि वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क द्वारा रियलटाइम में टीकाकरण और कोरोना-वायरस टीकाकरण के लिए नामांकित लाभार्थियों को ट्रैक करने के लिए एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग किया जाएगा। ऐसे में खराब इंटरनेट कनेक्शन इस प्रयास में बाधा डालेगा।
वहीं, पटेल ने बताया कि गुजरात में प्रशासन अब कोरोना-टीकाकरण शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि, हमारा सिस्टम शुक्रवार को वैक्सीन के एक राष्ट्रव्यापी ट्रायल के लिए भी तैयार है। वह बोले कि, गुजरात में, 248 तालुका और 26 क्षेत्रों में तीन स्थलों पर एक ट्रायल रन किया जाएगा। सरकार की ओर से बताया गया कि, सोला सिविल अस्पताल में भारत बायो टेक्नोलॉजी की वैक्सीन 1 हजार लोगों को देने के लिए ट्रायल रन किया गया था। जिन लोगों को वैक्सीन लगाई गई है, उन्हें कोई दुष्प्रभाव नहीं हुआ है। दूसरे राउण्ड में भी 300 लोगों को यह वैक्सीन दी गई है।












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