मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल में बाढ़, सीएम शिवराज सिंह चौहान ने केंद्र सरकार से मांगी अतिरिक्त सहायता
भोपाल। मध्य प्रदेश में बाढ़ का कहर बढ़ता जा रहा है. ग्वालियर-चंबल अंचल के सभी बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में अभी भी राहत और बचाव कार्य जारी है. जबकि अब दूसरे जिलों में भी बाढ़ का असर बढ़ने लगा है. ऐसे में मध्य प्रदेश सरकार ने एनडीआरएफ से अतिरिक्त सहायता मांगी है. ताकि जल्द से जल्द लोगों तक राहत पहुंचाई जा सके.

मध्य प्रदेश सरकार ने बताया कि राज्य आपदा राहत कोष में 1364.47 करोड़ रुपये ही बचे हैं, इसलिए अब केंद्र सरकार से अतिरिक्त सहायता मांगी गई है. साथ ही ग्वालियर चंबल संभाग के 8 जिलों में भारी बारिश के कारण हुए नुकसान के मूल्यांकन के लिए केंद्र सरकार टीम भेजने का अनुरोध भी किया है. केंद्रीय टीम बाढ़ का सर्वे कर नुकसान की पूरी जानकारी केंद्र सरकार को दी. जिससे बाढ़ के नुकसान की पूरी जानकारी केंद्र सरकार तक पहुंचे.
आपदा प्रबंधन को लिखा पत्र
वहीं राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और केंद्रीय आपदा प्रबंधन को भी पत्र लिखा है. पत्र में जानकारी दी गई है कि केंद्रीय टीम द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान के मूल्यांकन से प्रदेश को राष्ट्रीय आपदा राहत कोष के तहत अतिरिक्त सहायता मिलनी चाहिए. क्योंकि ज्यादा नुकसान की वजह से इसकी सख्त जरूरत है.
केंद्र सरकार को लिखे गए पत्र में बताया गया कि एक अप्रैल 2021 को राज्य आपदा राहत कोष का खर्च शून्य था. राज्य आपदा राहत कोष 2020-21 के तहत 2427 करोड़ रुपये का प्रावधान है किया गया है. इसमें से 20 प्रतिशत यानि 485.4 करोड़ रुपये मिटिगेशन और 970.80 करोड़ रुपये कोविड-19 के लिए निर्धारित किए गए थे. लेकिन अचानक बाढ़ से हुए नुकसान की वजह से आपदा राहत कोष में पैसा नहीं बचा है. ऐसे में केंद्र सरकार इस मुश्किल वक्त में राज्य सरकार की मदद करें और अतिरिक्त पैसा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए भेजा जाए.
राज्य के आपदा राहत कोष में नहीं बचा है पैसा
राज्य सरकार की तरफ से पत्र में बताया गया कि एक अप्रैल, 2021 से 5 अगस्त, 2021 के मध्य एसडीआरएफ के तहत 576.13 करोड़ रूपये व्यय होने के बाद शेष राशि 1364.47 करोड़ रुपये है. कोविड संक्रमण की भावी संभावना को देखते हुए यह राशि बाढ़ प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिये अपर्याप्त है. इसलिए एनडीआरएफ से अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता है.
MP के इन जिलों में बाढ़ का कहर
मध्य प्रदेश के ग्वालियर चंबल अंचल में बाढ़ ने कोहराम मचाया है. अंचल के श्योपुर, शिवपुरी, मुरैना, गुना, ग्वालियर, दतिया, भिण्ड जिले की बहुत-सी बस्तियों और गांवों को खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. जबकि लगातार नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद बाढ़ ने अब अशोकनगर, विदिशा और राजगढ़ जिलों में भी असर दिखाना शुरू कर दिया है. चंबल और सिंध नदियों का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. जिससे इन जिलों में अभी अलर्ट जारी है. वहीं बारिश अभी भी रुकने का नाम नहीं ले रही है. फिलहाल बाढ़ के चलते राहत और बचाव का कार्य जारी है.












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