यमुना विकास प्राधिकरण में बनेगी यूपी की पहली इलेक्ट्रिक वीइकल सिटी
लखनऊ। प्रदूषण पर रोकथाम के लिए देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की पूरी कोशिश हो रही है। इसको देखते हुए यूपी की पहली इलेक्ट्रिक वीइकल सिटी यमुना विकास प्राधिकरण में बनने जा रही है। यमुना अथॉरिटी ने इसको सौ एकड़ में विकसित करने के लिए व्यापारियों के साथ हुई एक मुलाकात के दौरान शुक्रवार को सैद्धांतिक सहमति भी दे दी है। अब यीडा बोर्ड की सितंबर में होने वाली बैठक में इसका मसौदा पेश करके मंजूरी देने के बाद प्रदेश सरकार के पास भेजने के साथ विकसित करने की आगे की प्रक्रिया प्रारंभ होगी।

दरअसल प्रदूषण रोकने के लिए केंद्र की तरफ से इलेक्ट्रिक वीइकल को बढ़ाने के लिए तमाम रियायतें देने की घोषणा के बाद ई-रिक्शा, ई-साइकल, ई-बाइक से लेकर ई-कार तक बाजार में आ गई हैं। दिल्ली में इलेक्ट्रिक वीइकल के कारोबारी तमाम कलपुर्जों से लेकर इसके निर्माण को लेकर शुक्रवार को यीडा के सीईओ डॉक्टर अरुणवीर सिंह से मिले। इस मुलाकात में सीईओ की तरफ से व्यापारियों के डेलिगेशन को इलेक्ट्रिकल वीइकल सिटी बनाने को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई। हालांकि इस मुलाकात से पहले भी ई-वाहनों के निर्माण को लेकर यमुना अथॉरिटी में एक सिटी विकसित करने के लिए वर्चुअल मीटिंग भी आयोजित की गई थी।
100 एकड़ जमीन की गई आरक्षित
सेक्टर 28 में जमीन की गई आरक्षित: यमुना अथॉरिटी के सीईओ डॉक्टर अरुणवीर सिंह ने बताया कि यूपी की पहली इलेक्ट्रिक वीइकल सिटी के लिए यीडा के सेक्टर 28 में 100 एकड़ जमीन आरक्षित कर दी गई है। इस जमीन पर इलेक्ट्रिक वीइकल सिटी बनाने के लिए बोर्ड की अगली बैठक में प्रस्ताव लाने के साथ उद्यमियों को जमीन आवंटित करने की प्रकिया प्रारंभ होगी। एक सवाल पर उन्होंने बताया कि इस सिटी में कम से कम 15000 करोड़ रुपये का निवेश होने के साथ 20000 लोगों को रोजगार मुहैया होगा।
यूपी सरकार की तरफ से मिलेंगे ये सारी रियायतें
यूपी सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण, असैंबलिंग और उपयोग को बढ़ावा देने के साथ नया निवेश और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए कई रियायतों का ऐलान पहले से कर चुकी है। इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत यूपी में इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन और उपयोग को बढ़ाने के लिए इसकी मेगा यूनिट लगाने वाले को जमीन खरीदने पर मार्केट या सर्किल रेट का 25 फीसदी अनुदान सहित कई सुविधाएं मिलेंगी।
चार्जिंग स्टेशन के लिए प्राइवेट इन्वेस्टर्स को सब्सिडी
चार्जिंग स्टेशन के लिए प्राइवेट निवेशक को कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी। टेक्नॉलजी ट्रांसफर पर 100 फीसदी या 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा टू व्हीलर पर 10 हजार, थ्री-व्हीलर पर 20 हजार और बड़े वाहनों पर 40 हजार या 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वीइकल्स का रजिस्ट्रेशन फ्री होगा और रोड टैक्स में भी 25 फीसदी की छूट मिलेगी।












Click it and Unblock the Notifications