दिल्ली में स्पा और मसाज सेंटरों के लिए नई गाइडलाइन जारी, यौन शोषण को रोकने के लिए होंगे कड़े प्रावधान
नई दिल्ली, अगस्त 03। केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में स्पा और मसाज सेंटरों के संचालन के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। दरअसल, दिल्ली में अक्सर स्पा और मसाज सेंटर की आड़ में सेक्स रैकेट और लड़कियों की तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं, इसलिए इसे रोकने के लिए अब दिल्ली सरकार ने कड़े प्रावधान तैयार किए हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्पा और मसाज सेंटरों के संचालन और वहां यौन शोषण रोकने के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों को मंजूरी दे दी।

दिल्ली महिला आयोग द्वारा ऐसे केंद्रों पर अनियमितताओं और योन शोषण का मुद्दा उठाया गया था, जिसके बाद दिल्ली सरकार ने नई गाइडलाइन में इन सुरक्षा उपायों का प्रावधान किया है। इससे पहले, दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष की रिपोर्ट की समीक्षा करने और उस पर कार्रवाई करने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन भी किया गया था।
स्पा और मसाज सेंटर के लिए नई गाइडलाइन बनाने के पीछे पृष्ठभूमि
दिल्ली महिला आयोग के अध्यक्ष ने उपराज्यपाल को 10 अक्टूबर, 2019 को एक पत्र लिखा था, जिसमें दिल्ली के विभिन्न इलाकों में स्पा/मसाज केंद्रों के कामकाज से संबंधित विभिन्न मुद्दों को उठाया गया है। दिल्ली महिला आयोग के अध्यक्ष ने स्पा केंद्रों में कार्यरत लड़कियों/महिलाओं के यौन शोषण और इन केंद्रों में वेश्यावृत्ति की गतिविधियों को चलाने के बारे में जानकारी दी और इसकी रोकथाम के लिए पत्र में कुछ उपाय करने के सुझाव दिए थे।
स्पा और मसाज सेंटर का लाइसेंस प्राप्त करने के लिए अनिवार्य शर्तें
- स्पा/मसाज सेंटर के परिसर के अंदर किसी भी प्रकार की यौन गतिविधियों को शामिल करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
- स्पा/मसाज सेंटरों में क्रॉस जेंडर मसाज की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुरुषों की मालिश के लिए सिर्फ पुरुष और महिला की मालिश करने के लिए सिर्फ महिला मालिश करने वालों की अनुमति दी जाएगी।
- पुरुष और महिला स्पा सेंटर परिसर के विभिन्न वर्गों में होंगे और अलग-अलग प्रवेश के साथ स्पष्ट रूप से सीमांकित होंगे और कोई इंटर-कनेक्शन नहीं होगा।
- बंद कमरों में स्पा/मसाज सेंटर सेवाएं प्रदान करने की अनुमति नहीं दी जाएंगी।
- स्पा/मसाज सेंटर कक्षों के दरवाजों के अंदर कोई कुंडी और बोल्ट नहीं होगा। सेंटर में सेल्फ क्लोजिंग (स्व-बंद) दरवाजों की व्यवस्था होनी अनिवार्य है।
- वर्किंग ऑवर्स के दौरान मसाज/स्पा प्रतिष्ठान के बाहरी दरवाजे खुले रखने अनिवार्य होंगे।
- सेंटर में आने वाले सभी ग्राहकों से आईडी कार्ड (पहचान पत्र) प्राप्त करना अनिवार्य होगा। साथ ही, फोन नंबर और आईडी प्रूफ सहित उनके संपर्क आदि का विवरण एक रजिस्टर दर्ज करना अनिवार्य होगा।
- स्पा/मसाज सेंटर सुबह 9 बजे से रात 9 बजे के बीच ही खुले रह सकते हैं और प्रत्येक कमरे में प्रकाश की समुचित व्यवस्था करनी होगी।
- स्पा/मालिश सेंटर में उचित जल निकासी की व्यवस्था के साथ पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग शौचालय और स्नानघर होना चाहिए। इसके अलावा स्पा/मालिश सेंटर में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग चेंजिंग रूम होंगे।
- स्पा/मसाज सेंटर परिसर का उपयोग आवासीय उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाएगा और न ही इसके परिसर के किसी हिस्से में आवासीय संचालन किया जाएगा।
- स्पा/मालिश सेंटर, सफाई/हाउसकीपिंग कार्य आदि के लिए जरूरी कर्मचारियों को नियोजित करके परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित करेगा।
- सेंटर में नियुक्त प्रत्येक मालिश करने वाले के पास फिजियोथेरेपी/एक्यूप्रेशर या व्यावसायिक चिकित्सा में डिग्री/डिप्लोमा/प्रमाण पत्र होना चाहिए।
- सेंटर को हाउसकीपिंग स्टाफ सहित सभी कर्मचारियों का विवरण एक रजिस्टर में रखाना होगा।
- सेंटर में महिलाओं के यौन उत्पीड़न निवारण अधिनियम के तहत आंतरिक शिकायत समिति की स्थापना की जाएगी, जहां 10 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं। ऐसी समिति के अस्तित्व को एक प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित किया जाना चाहिए। कानून के अनुसार, रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को भेजी जानी चाहिए।
- स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा कोविड-19 को लेकर समय-समय पर निर्धारित दिशा निर्देशों का पालन स्पा/मालिश केंद्रों द्वारा किया जाएगा। स्पा/मालिश केंद्रों को डब्ल्यू.पी.(सी) 6555/2020 और डब्ल्यू.पी.(सी.7366/2020) मामले में माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करना होगा।












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