हरियाणा और दिल्ली सरकार की मदद से दिल्ली-एनसीआर में बनेगा पहला वन्यजीव कॉरिडोर
नई दिल्ली, जून 30। हरियाणा और दिल्ली सरकार के वन विभाग की मदद से दिल्ली-एनसीआर को पहला वन्यजीव कॉरिडोर मिलने जा रहा है। इसके लिए दोनों विभाग के अधिकारी असोला भाटी सेंक्चुअरी के पास एक व्यस्त सड़क पर कॉरिडोर बनाने के लिए काम कर रहे हैं। इससे सड़क पार करने वाले तेंदुएं और अन्य वन्यजीवों की सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों को कम किया जा सकेगा।

योजना से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि यह इस तरह का अपने आप में पहला कॉरिडोर होगा जो वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए बनाया जाएगा। असोला भाटी सेंक्चुअरी अरावली पहाड़ी से जुड़े दक्षिणी दिल्ली के रिज इलाके को 32.71 वर्ग किमी और फरीदाबाद और गुरुग्राम के उत्तरी भाग को कवर करता है। विभाग द्वारा बनाया जा रहा कॉरिडोर उत्तरी अरावली क्षेत्र का हिस्सा होगा जोकि राजस्थान के सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान पार्क से जुड़ा होगा।
वन विभाग के दक्षिणी डिविजन के उपसंरक्षक अमित आनंद के मुताबिक, वन विभाग असोला भाटी सेंचुरी में तेंदुओं के समृद्ध आवास के लिए प्रयासरत है। विभाग सेंचुरी के पास कॉरिडोर को विकसित करने के लिए दिल्ली मेट्रो के विशेषज्ञों से मदद भी मांग रहा है। फरीदाबाद के मंडल वन अधिकारी राजकुमार यादव के मुताबिक, सोमवार को फरीदाबाद के पाली रोड पर एक दो वर्षीय मादा तेंदुए की अज्ञात वाहन से टक्कर लगने की वजह से मौत हुई है।
अधिकारी अमित आनंद ने बताया कि हरियाणा के अधिकारियों से बातचीत हुई है। वाइल्डलाइफ कॉरिडोर को लेकर एक रूपरेखा तैयार की जाएगी। जब भी कोई तेंदुआ फरीदाबाद की ओर जाता है तो वह गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड व पाली रोड का इस्तेमाल करता है। यह रास्ते तेंदुए के रास्तों से होकर गुजरते हैं। इसके लिए हमें एक समाधान निकालना है जिसके लिए हम दिल्ली मेट्रो के विशेषज्ञों से कॉरिडोर को विकसित करने के लिए सलाह लेंगे।












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