सीएम त्रिवेंद्र ने की प्रदेश में कोरोना वैक्सिनेशन की तैयारियों की समीक्षा, अधिकारियों को दिए निर्देश
देहरादून। उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र रावत ने प्रदेश में कोरोना वायरस से बचाव के लिए वैक्सिनेशन की तैयारियों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैक्सिनेशन सेंटर को चिन्हित कर वहां उपकरण व मानव संसाधन की उपलब्धता रखी जाय। साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी ध्यान रखने को कहा कि स्कूल में वैक्सिनेशन सेंटर न बनाया जाय। इसके लिए अस्पतालों और उसके आसपास के क्षेत्रों में व्यवस्था की जाय।

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने तैयारियों के मद्देनजर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों के साथ बैठक की और कोरोना वायरस वैक्सिनेशन से संबंधित की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा की। सीएम त्रिवेन्द्र ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिये हैं कि सरकारी और प्राइवेट लैब में हो रही जांचों समेत अन्य विवरण उनको जल्दी से जल्दी दें साथ ही वायरस से हो रही मौतों को कम करने पर विशेष तौर पर काम किया जाय। इसका विश्लेषण भी किया जाय कि आखिर कोरोना वायरस संक्रमित की मृत्यु क्यों हुई? क्या अस्पताल में देरी से आने या किसी और रोग से ग्रस्त होने की वजह से मृत्यु हुई, इन सबको भी देखा जाय। रिकवरी रेट बढ़ाने की जरूरत पर सीएम ने जोर दिया और कहा कि किसी भी मरीज को हायर सेंटर भेजने में देरी न की जाय।
जिलाधिकारियों को मुख्यमंत्री ने टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। कहा कि जिन लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण हैं उनका आरटीपीसीआर टेस्ट जरूर किया जाय। सैंपल लेने के बाद शहरी क्षेत्रों में 24 घण्टे के अन्दर व पर्वतीय क्षेत्रों में 48 घण्टे के अन्दर लोगों को कोविड की रिपोर्ट मिल जाए। कोविड से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जाए कि किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर कोविड कन्ट्रोल रूम एवं ट्रोल फ्री नम्बर पर कॉल करें।
सीएम ने कहा कि जो लोग होम आईसोलेशन में हैं, उनके नियमित स्वास्थ्य की जानकारी ली जाए एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा विजिट किया जाए। कोविड के लक्षण पाये जाने पर भी यदि कोई टेस्ट कराने के लिए मना कर रहें है, तो ऐसे लोगों पर सख्ती बरती जाए। जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं आती है, तब तक पूरी सर्तकता बरती जाए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में भर्ती कोविड मरीजों का पूरा ध्यान रखा जाए। इसके लिए अस्पतालों की नियमित रूप से मोनिटरिंग की जाए। मुख्यमंत्री ने सभी हेल्थ वर्करों को भी मोटिवेट करने पर ध्यान देने के साथ ही प्रदेश में टेस्टिंग के लिये पूरी क्षमता का उपयोग किये जाने पर ध्यान देने को कहा।












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